किसानों की आमदनी दोगुना करेगी वायरस प्रतिरोधी मिर्च

- भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान की पहल
- 60 फीसदी कम होगी खेती लागत

By: Nikhil Kumar

Published: 12 Feb 2021, 11:00 AM IST

बेंगलूरु. आने वाले समय में मिर्च की वायरस रोधी प्रजाति (Virus-Resistant Chillies) की खेती कर किसान अधिक मुनाफा कमा सकेंगे। शहर के हेसरघट्टा स्थित भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आइआइएचआर) अगले तीन वर्ष में व्यावसायिक खेती के लिए वायरस प्रतिरोधी मिर्च की किस्में जारी करने की योजना में है। इससे किसानों की खेती लागत में 50 से 60 प्रतिशत की भारी कटौती होगी।

कीटनाशकों के उपयोग में आएगी कमी
आइआइएचआर (Indian Institute of Horticultural Research) के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के. माधवी रेड्डी (K Madhvi Reddy) ने बताया कि वायरस प्रतिरोधी मिर्च की किस्में कीटनाशकों के उपयोग को कम कर देंगी। इसके साथ ही अगर किसान बूंद-बूंद सिंचाई (drip irrigation) का उपयोग करते हैं और वैज्ञानिक तरीके अपनाते हैं, तो वे आसानी से खेती की लागत को 50 से 60 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं।

डॉ. रेड्डी ने बताया कि बाजार में उपलब्ध मिर्च की किस्मों की खेती की लागत लगभग एक लाख रुपए प्रति एकड़ आती है। लेकिन, वायरस प्रतिरोधी मिर्च की खेती से किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।

बीमारियों और कीटों के प्रति अति संवेदनशील
मिर्च विभिन्न बीमारियों और कीटों के प्रति अति संवेदनशील होते हैं। यह तीखा फल व्यापक रूप से ककड़ी मोजेक कुकुमोवायरस (सीएमवी), चिल्ली वेटल मॉटल पॉटीवायरस (चीवीएमवी), चिल्ली लीफ कर्ल वायरस (चीएलसीवी) और ग्राउंडनट बूड नेक्रोसिस वायरस (जीबीएनवी) जैसे वायरस से प्रभावित होता है। ये वायरस मिर्च की खेती के लिए एक गंभीर खतरा होने के साथ ही जलवायु परिवर्तन के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम हैं।

वैश्विक उत्पादन का एक-चौथा देश में
भारत (India) में मिर्च व्यापार के महत्व के बारे में बात करते हुए डॉ. रेड्डी ने कहा कि मिर्च सबसे बड़ा मसाला सामग्री है। मिर्च के कुल वैश्विक उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी है। हालांकि, देश में 90 प्रतिशत मिर्च की खपत होती है और केवल दस प्रतिशत निर्यात किया जाता है। निर्यात से देश को करीब छह हजार करोड़ रुपए की कमाई होती है।

डॉ. रेड्डी ने बताया कि विभिन्न प्रकार की तीखी मिर्च आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में होती है। भारतीय मिर्च के प्रमुख आयातक मलेशिया, श्रीलंका, इंडोनेशिया, अमरीका, बांग्लादेश, सिंगापुर, ब्रिटेन, नेपाल और मैक्सिको हैं।

गुंटूर दुनिया का सबसे बड़ा मिर्च बाजार
मिर्च के सेवन से होने वाले संभावित स्वास्थ्य लाभों के बारे में डॉ. रेड्डी ने कहा कि तीखे फलों को दवाओं में शामिल किया गया है और कई बीमारियों को दूर करने के लिए टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। मिर्च भूख को उत्तेजित करता है, फेफड़ों को साफ करने में मदद करता है और पाचन तंत्र को उत्तेजित करता है। पेय पदार्थों में भी इसका इस्तमाल होता है। आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल देश में मिर्च उगाने वाले प्रमुख राज्य हैं। गुंटूर दुनिया का सबसे बड़ा मिर्च (Guntur is the largest chilli market in the world) बाजार है।

Nikhil Kumar Reporting
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