गार्डन सिटी में जल्द ही महंगा होगा पानी

महंगाई से जूझ रहे बेंगलूरु शहर वासियों को अब पेयजल के लिए भी अधिक दाम चुकाना पड़ेगा। बेंगलूरु जल आपूर्ति व मल जल निकासी बोर्ड (बीडब्लूूएसएसबी) पेयजल आपूर्ति की दरों में 30 से 35 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की तैयारी कर रहा है।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 10 Jan 2019, 08:37 PM IST

दरों में 30-35 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव
बेंगलूरु. महंगाई से जूझ रहे बेंगलूरु शहर वासियों को अब पेयजल के लिए भी अधिक दाम चुकाना पड़ेगा। बेंगलूरु जल आपूर्ति व मल जल निकासी बोर्ड (बीडब्लूूएसएसबी) पेयजल आपूर्ति की दरों में 30 से 35 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की तैयारी कर रहा है।

बीडब्लूूएसएसबी के अधिकारियों ने कहा है कि प्रस्ताव को जल्दी ही मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। शहर में चल रही कुछ पेयजल परियोजनाओं पर आने वाली लागत भी इस बढ़ोतरी से वसूलने की योजना है। एक अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने समय-समय पर बिजली की दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है लेकिन जलापूर्ति की दरें पिछले 4 वर्षों से समान हैं।
बीडब्लूूएसएसबी ने अक्टूबर 2017 में राज्य सरकार के पास एक प्रस्ताव भेजकर हर तीन साल पर जलापूर्ति दरें बढ़ाने की सिफारिश की थी। लेकिन, राज्य सरकार ने कहा कि सरकार जलापूर्ति की दरों में बढ़ोतरी हर पांच साल में होगी। पिछली बार वर्ष 2014 में दरों में वृद्धि की गई थी और तब से अभी तक वहीं दरें लागू हैं।

बोर्ड के अधिकारी ने कहा कि जलापूर्ति दरों में बढ़ोतरी आवश्यक है क्योंकि उसे हर माह बिजली शुल्क के तौर पर बड़ी राशि का भुगतान करना पड़ता है। इसके चलते आर्थिक तंगी जैसे हालात हैं। पेयजल आपूर्ति के लिए बीडब्लूूएसएसबी को तोरेकड्डनहल्ली जलाशय से पानी निकालना पड़ता है। इसके लिए कर्नाटक पॉवर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन (केपीटीसी) और चामुंडेश्वरी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कॉरपोरेशन (सीईएससी) को प्रति महीने 33 करोड़ रुपए का भुगतान करना पड़ता है।

हर माह बीडब्लूूएसएसबी लगभग 100 करोड़ रुपए राजस्व उगाही करता है और उसमें से एक बड़ा हिस्सा दोनों बिजली एजेंसियों को ही चला जाता है। पिछली बार अक्टूबर 2017 में जब दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया था तो सरकार ने मार्च 2018 में उसे नामंजूर कर दिया। सरकार ने तब सार्वजनिक परामर्श की बात कही थी। वर्ष 2014 में बोर्ड ने जलापूर्ति की न्यूनतम दरों में बढ़ोतरी कर 48 रुपए से बढ़ाकर 57 रुपए किया था जिससे घरेलू उपयोग के लिए प्रति महीने 8 3 रुपए की जगह 100 रुपए का बिल आता है। अब इस वर्ष से इसमें बढ़ोतरी की जाएगी।

Santosh kumar Pandey Desk
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