हम संन्यासी नहीं हैं, सत्ता पाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे : भाजपा

अगले महीने राज्य में बनेगी भाजपा की सरकार : अशोक

By: Ram Naresh Gautam

Published: 12 Oct 2018, 07:57 PM IST

बेंगलूरु. पार्टी आलाकमान ने राज्य में भाजपा सरकार बनाने की अनुमति दी है। नवंबर तक गठबंधन सरकार के पतन के साथ भाजपा सरकार का आना तय है। भाजपा नेता आर.अशोक ने यह बात कही। उन्होंने गुरुवार को कहा कि अगर 37 विधायकों के साथ एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बन सकते है तो 104 विधायकों वाली भाजपा को भी सरकार बनाने के सपने देखने का अधिकार है। हम संन्यासी नहीं हैं। सत्ता पाने के लिए भाजपा हरसंभव प्रयास करेगी।

अशोक ने कहा कि जब कोई विधायक भाजपा में शामिल होता है तो उसे मीडिया ऑपरेशन कमल का नाम दे देती है। लेकिन जब किसी भाजपा के सदस्य को कांग्रेस या जद (एस) अपन पार्टी में शामिल करने का प्रयास करते हंै तो इसे कोई नाम नहीं दिया जाता। भाजपा ने कोई ऑपरेशन कमल शुरू नहीं किया है। गठबंधन सरकार बनने से असंतुष्ट कई विधायक तथा वरिष्ठ नेता भाजपा के संपर्क में है। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष बीएस येड्डियूरप्पा ने अगले माह राजनीतिक गतिविधियां तेज होने से श्रीरामुलु तथा उन्हें (अशोक) को लोकसभा का उपचुनाव नहीं लडऩे को कहा है।


बैंकों के आंकड़े नहीं देने के कारण ऋण माफी में देरी
बेंगलूरु. राज्य सरकार राष्ट्रीयकृत वाणिज्य बैंको में किसानों के बकाया ऋण के भुगतान को तैयार है लेकिन बैंक आंकड़े उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने गुरुवार ने प्रदेश के भाजपा नेताओं से अपील की कि वे केंद्र सरकार पर बैंकों को आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए कहें ताकि ऋण माफी योजना लागू हो सके। कुमारस्वामी ने कहा कि बैंकों ने अब तक आंकड़े नहीं दिए हैं, जिससे साफ है कि इसके पीछे राजनीति हो रही है। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता ही इसमें अडंगा डाल रहे हैं। इस कारण ऋण माफी का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के भाजपा नेता केंद्र सरकार पर किसानों की ऋण माफी योजना में सहयोग नहीं देने का दवाब बना रहे हंै। राज्य सरकार अपना दायित्व निभाते हुए 1 नवंबर को किसानों की ऋण की पहली किश्त के रूप में 6500 करोड़ रुपए का भुगतान करने को तैयार है लेकिन राष्ट्रीयकृत बैंक भाजपा नेताओं के दबाव में आकर इसे स्वीकृत करने को तैयार नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कई बार इन बैंकों के प्रबंधन से बकाया ऋण की सूची मांगी है। लेकिन बैंकों ने अभी तक सूची नहीं सौंपी है। यह सूची प्राप्त करने के लिए उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का एक विशेष दल ही गठित किया है। यह दल बैंकों से यह सूची प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

सूचना के अधिकार के तहत भी ऐसी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया लेकिन बैंकों का प्रबंधन राज्य सरकार के साथ सहयोग नहीं कर रहा है। किसानों की ऋण माफी योजना को लेकर आयोजित पहली बैठक में राष्ट्रीयकृत बैंकों का प्रबंधन का रुख काफी सकारात्मक था लेकिन अब वे योजना की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र की बैंकों से लिया 2 लाख रुपए तक का ऋण माफ योजना की प्रक्रिया जारी है। केंद्र सरकार ने सरकार की इस ऋणमाफी योजना के लिए एक रुपए की भी सहायता नहीं की है।

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