संवत्सरी महापर्व का लाभ तो अवश्य उठाते हैं-साध्वी लावण्याश्री

धर्मसभा का आयोजन

By: Yogesh Sharma

Published: 11 Sep 2021, 08:42 PM IST

बेंगलूरु. संवत्सरी की आराधना साध्वी लावण्याश्री के सान्निध्य में गांधीनगर तेरापंथ भवन में हुई। साध्वी लावण्याश्री ने संवत्सरी महापर्व की महत्ता का वर्णन करते हुए कहा कि जैन धर्म में चार माह के चातुर्मास का लाभ कोई कोई उठाता है। उससे कम करें तो दो माह, उससे कम करें तो पर्युषण महापर्व के आठ दिन और उससे भी कम करें संवत्सरी महापर्व के दिन तो अवश्य उठाते हैं ही। एक वर्ष का लेखा-जोखा करने का, बहीखाते मिलने का, आत्म दर्शन करने का, अनंत कर्मों की निर्जरा का सुअवसर है। भगवान की यात्रा आज संपन्न होने जा रही है। वर्धमान से महावीर, महावीर से परमवीर बन कैवल्य ज्ञानप्राप्त कर जन कल्याण करते हैं। कार्तिक कृष्णा अमावस्य दीपावली के दिन महावीर निर्वाण की प्राप्ति करते हैं। भव भ्रमण का अंत करते हैं। भगवान अनेक भव्य प्राणियों को तारते हैं। चंदनबाला, चण्डकौशिक सर्प, गोशालक, स्वाला संगम, शूलपानी इन सबको संसार सागर से पार उतरने का पथ प्रशस्त भगवान ने किया।

संवत्सरी महापर्व का लाभ तो अवश्य उठाते हैं-साध्वी लावण्याश्री

साध्वी सिद्धांतश्री ने कहा डाणं सूत्र में तीन प्रकार के सूर्य का वर्णन आता है।धम्मेसूरा,अरहंता,कम्म सुरा वासुदेवा, भोग सुरा, चक्कवरीणा। साध्वी दर्शितप्रभा ने उत्तराध्ययन सूत्र के 19वें अध्ययन का वांचन करते हुए कहा मृगापूत्र ने अपने माता-पिता को संसार की नश्वरता का बोध कराया। महापर्व के दौरान महिला मंडल गांधीनगर, तेरापंथ सभा, ट्रस्ट गांधीनगर, किशोर मंडल, कन्या मंडल, ज्ञानशाला परिवार ने गीत की प्रस्तुति दी। साध्वी दर्शितप्रभा ने जैनधर्म के प्रभाव व आचार्यों का वर्णन किया। साध्वी सिद्धांतश्री ने चंदनबाला के जीवन की रोचक प्रस्तुति दी। सभा अध्यक्ष सुरेश दक, ट्रस्ट अध्यक्ष गौतमचंद मूथा, तेयुप अध्यक्ष विनय बैद, महिला मंडल अध्यक्ष स्वर्णमाला पोखरना, अणुव्रत समिति अध्यक्ष शांतिलाल पोरवाल, टीपीएफ अध्यक्ष लक्ष्मीपत मालू ने विचार व्यक्त किए। संचालन सभा मंत्री नवनीत मूथा व सहमंत्री राजेंद्र बैद ने किया।

Yogesh Sharma Reporting
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