चुनावी माहौल में मौसम भी कर रहा सियासत

मतदान तिथि नजदीक आने से राज्य में सियासत गरमाई हुई है तो मौसम भी मानो राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा। लगभग 34 से 37 डिग्री सेल्सियस पर जहां बेंगलूरु शहर चुनावी बुखार में तप रहा है, वहीं प्रदेश के कई जिले 40 से 42 डिग्री सेल्सियस पर नेताओं का कड़ा इम्तिहान ले रहे हैं।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 04 Apr 2019, 06:02 PM IST

तीखी धूप ले रही कड़ा इम्तिहान
सुरेंद्र राजपुरोहित
बेंगलूरु. मतदान तिथि नजदीक आने से राज्य में सियासत गरमाई हुई है तो मौसम भी मानो राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा। लगभग 34 से 37 डिग्री सेल्सियस पर जहां बेंगलूरु शहर चुनावी बुखार में तप रहा है, वहीं प्रदेश के कई जिले 40 से 42 डिग्री सेल्सियस पर नेताओं का कड़ा इम्तिहान ले रहे हैं। तपती धूप से राहत के लिए बारिश का इंतजार है लेकिन, नेताओं के कोरे आश्वासन की तरह बादल भी आसमान में तरसा कर चले जा रहे हैं।

चुनाव में महज दो सप्ताह का समय रह गया है इसलिए उम्मीदवार अब मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क साधने के साथ ही मतदाताओं के घर-घर जाकर उनसे मिल रहे हैं। बेंगलूरु के चारों लोकसभा क्षेत्रों के उम्मीदवार कोई कसर नहीं छोडऩा चाहते तो दूसरी ओर सूरज भी कोई नरमी नहीं दिखा रहा। तापमान 34 से 37 डिग्री सेल्सियस छू रहा है।

दरअसल, बेंगलूरु के मौसम का मिजाज हाल के वर्षों में काफी बदला है। मार्च-अप्रेल में पहले बारिश हो जाती थी लेकिन इस साल अभी तक एक बूंद भी नहीं गिरी है। वहीं, हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के जिलों बल्लारी, रायचूर, कलबुर्गी, यादगीर, कोप्पल व बीदर का तापमान 42 डिग्री सेल्यियस तक पहुंच चुका है। मुंबई कर्नाटक में भी तपिश बढ़ती जा रही है। एक तरफ जहां लगातार पारा चढ़ रहा है वहीं, जीत की छांव तलाशते प्रत्याशी धूप की परवाह बिल्कुल नहीं कर रहे।

बयानबाजी भी दे रही चुनावी तपिश को हवा
राज्य में 18 व 23 अप्रेल को मतदान होंगे और जैसे-जैसे तिथि करीब आ रही है कांग्रेस, जद-एस तथा भाजपा नेता मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए सुबह से लेकर शाम तक हर चौराहे व गलियों की खाक छान रहे हैं। गर्मी के बावजूद चुनावी जंग जीतने का जुनून उम्मीदवारों व समर्थकों के सिर चढक़र बोल रहा है। प्रचार में तेजी आनेे के साथ ही सत्तारूढ़ गठबंधन तथा भाजपा के नेताओं के बीच आरोप प्रत्यारोपों का भी दौर चल पड़ा है।

नेताओं की बयानबाजी चुनावी तपिश को और हवा दे रही है। पिछले 31 मार्च को राजधानी बेंगलूरु में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व देवेगौड़ा की संयुक्त चुनावी रैली हुई जिसमें गठबंधन के नेताओं ने भाजपा को जमकर कोसा। वहीं अमित शाह ने बेंगलूरु दक्षिण लोकसभा क्षेेत्र में रोड शो कर भाजपा कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार किया और बिखरती ताकत को समेटने की कोशिश की।

बढ़ती तपिश में बढ़ेंगे नेताओं के दौरे
मतदान की तिथि करीब आने से उम्मीदवारों की बेचैनी बढ़ी है तो हाईप्रोफाइल नेताओं के दौरे भी बढऩे लगे हैं। आने वाले दिनों में सत्तारूढ़ गठबंधन उम्मीदवारों के पक्ष में कांग्रेस के स्टार प्रचारक व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सिद्धरामय्या व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी की चुनावी सभाएं होंगी तो भाजपा के स्टार प्रचारकों में शुमार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 8 अप्रेल से 20 अप्रेल के बीच राज्य में छह स्थानों पर चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित कई अन्य नेता राज्य में चुनाव प्रचार करने लिए आएंगे।

Santosh kumar Pandey Desk
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