कर्नाटक में किस मंत्री की क्या है चाहत

रेवण्णा ने कहा कि लोक निर्माण विभाग मांगा है, उन्हें इसी विभाग में काम करने का अधिक अनुभव है

By: Ram Naresh Gautam

Published: 07 Jun 2018, 06:26 PM IST

बेंगलूरु. मंत्री बनने के बाद कुछ ने विभागों को लेकर अपनी पसंद जाहिर की है. जानिए कौन मंत्री क्या चाहता है.


एचडी रेवण्णा
जद-एस के एचडी रेवण्णा ने कहा कि लोक निर्माण विभाग मांगा है, उन्हें इसी विभाग में काम करने का अधिक अनुभव है। वे सबसे पहले राज्य मार्गों को राष्ट्रीय राज मार्गों में परिवर्तन करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजेंगे। ंप्रदेश में कई सड़क हादसे हो रहे हैं। इनकी रोकथाम के लिए विभिन्न योजनाओं ंके तहत सुरक्षा को प्रमुखता दी जाएगी और इसके लिए अनुदान जारी होगा। पिछली सरकार ने 150 करोड़ रुपए का अनुदान जारी करने की घोषणा की थी। कर्नाटक सड़क विकास निगम लिमिटेड के जरिए विश्व बैंक के सहयोग से 300 किलोमीटर लंबी पांच प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। सड़कों ंके निर्माण कार्य आरंभ करने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से सड़कों की जानकारी प्राप्त कर इनके सहयोग से वार्षिक कार्य योजना तैयार होगी। उन्होंने कहा कि कुछ माह से हो रही बारिश के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में पुल और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। वाहनों का मार्ग बदल कर पुल और सड़कों की मरम्मत का कार्य आरंभ किया जाएगा। विभाग पाने को लेकर मेरी कोई जिद नहीं है।

 

के.जे.जार्ज
बेंगलूरु विकास मंत्री रह चुके केजे जार्ज ने दोबारा यही जिम्मेदारी निभाने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान के अनुसार मुझे जो जिम्मेदारी दी जाती है, उसे निभाने के लिएतैयार हूं। उन्हें पहली बार गठबंधन सरकार में काम करने का अवसर मिला है। इसका अलग ही अनुभव रहेगा। यह सच है कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को कार उपहार में दी है। सिद्धरामय्या ने हर समय उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा होता यदि कांग्रेस की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनती। हम चुनाव में जनता के फैसले को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

 

यू.टी. खादर
यूटी खादर ने कहा कि दक्षिण कन्नड़ जिले में कांग्रेस से वे एकमात्र विधायक हैं। इसलिए जिले को नेतृत्व देने के उद्देश्य से उन्हें मंत्री बनाया गया है। उन्हें जो भी पद दिया जाएगा, इसे पूरा करने के लिए तैयार है। दक्षिण कन्नड़ जिला एक संवेदनशील क्षेत्र है। यहां किसी भी विवाद को लेकर हिंसा भड़क उठती है। उसी कारण जिले में सबसे पहले शांति, भाईचारा और साम्प्रदायिक सद्भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर सप्ताह या दो सप्ताह में एक बार शांति बैठक होगी। जिले में शीघ्र ही एक शांति समिति गठित होगी। इस समिति में सभी समुदाय के लोगों को सदस्य बनाया जाएगा। कोई भी त्योहार हो तो सभी समुदाय के लोग उसमें भाग लेंगे। जिले में पुलिस की कड़ी सुरक्षा प्रदान कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार मुझे आवासीय मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। पिछली सरकार ने अपने बजट में साल 2018-19 के दौरान अगले पांच सालों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 लाख मकान निर्मित करने की घोषणा की है।

 

जमीर अहमद
जमीर अहमद ने कहा कि गठबंधन सरकार में समय के साथ सभी को बदलने की जरूरत है। मुझे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के साथ वक्फ की जिम्मेदारी तथा अल्पसंख्यक कल्याण का पद भी दिए जाने का पता चला है। उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे निभाने के लिए तैयार है। अल्पसंख्यकों की कई समस्याएं हैं। अल्पसंख्यक शिक्षा, आर्थिक, राजनीति और अन्य क्षेत्रों में काफी पीछे हैं। अल्पसंख्यकों के विकास के लिए अधिक अनुदान की मांग की जाएगी। वे मक्का और मदीना जा रहे हंै। एक सप्ताह बाद लौटेंगे।

 

जयमाला
जयमाला ने कहा कि मुझे पता नहीं था कि उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। जब जब सूचना मिली तो विश्वास नहीं हो रहा था, बाद में उप मुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने इसकी पुष्टि की। महिलाओं को अकसर महिला एवं बाल कल्याण का पद ही दिया जाता है और उन्हें यह जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। वे सबसे पहले अंगनबाड़ी केन्द्रों की महिला कर्मचारियों की समस्याओं को हल करना चाहती हैं। इसके साथ ही कपड़ों और अन्य कारखानों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहती हैं। वे पहली बार मंत्री बनी हैं और इस जिम्मेदारी को एक चुनौती के तौर पर स्वीकार करेंगी। वे पूर्व मंत्री उमाश्री से भी सुझाव लेंगी।

Ram Naresh Gautam
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