scriptWhen India has the best do not look at the west : Naidu | देश के 'बेस्ट' को छोड़ 'वेस्ट' की ओर नहीं देखें : उपराष्ट्रपति नायडू | Patrika News

देश के 'बेस्ट' को छोड़ 'वेस्ट' की ओर नहीं देखें : उपराष्ट्रपति नायडू

- ग्रामीण और देशी खेलों को बचाना जरूरी
- खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का शुभारंभ

बैंगलोर

Updated: April 25, 2022 10:55:48 am

बेंगलूरु. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू (Vice President Venkaiah Naidu) ने रविवार को कंठीरवा स्टेडियम में बहुप्रतीक्षित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (Khelo India University Games) का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि खेल को जीवन का हिस्सा बनाने की जरूरत है। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए व्यायाम और अपनी पसंद का खेल जरूरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी खेलों को महत्ता दी गई है। राज्य सरकारों को इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्हें लगता है कि केंद्र और राज्य खिलाडिय़ों को नंबर भी देकर पुरस्कृत और सम्मानित करें ताकि दाखिले, पदोन्नति में इसका लाभ मिल सके। इससे खिलाड़ी प्रोत्साहित होंगे।

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देश के 'बेस्ट' को छोड़ 'वेस्ट' की ओर नहीं देखें : उपराष्ट्रपति नायडू

उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया में होने वाले 20 खेलों में मलखंब और योगासन जैसे देशी खेलों का भी आयोजन होगा। ग्रामीण वे देशी खेलों को बचाए रखने की जरूरत है। इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत है। स्वस्थ प्रतियोगिता समय की मांग है। युवा वर्ग विभिन्न खेलों से जुड़ेंगे तो देश तेजी से विकास करेगा।

उन्होंने कहा कि बेहतर भविष्य के लिए संस्कृति और प्रकृति को बचाना होगा। जलवायु परिवर्तन वास्तविकता है। हमें पिज्जा और बर्गर नहीं बल्कि स्वदेशी स्वस्थ भोजन की जरूरत है। पश्चिमी देशों का अनुसरण नहीं करना चाहिए। देश के 'वेस्ट' को छोडकऱ 'वेस्ट' की ओर नहीं देखें। भारतीय भोजन करें और हर मौके के लिए स्वस्थ रहें।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने कहा कि हार-जीत खेल का हिस्सा है। मैं तो कहूंगा कि आप खेल की भावना का सम्मान करिए और आगे बढ़ें। मुझे भरोसा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी जो छात्र यूनिवर्सिटी खेलों में खेल रहे हैं उनको भविष्य में आप देश के लिए खेलते हुए देखेंगे।
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि यूनिवर्सिटी एक ऐसी जगह है जहां आपको हर क्षेत्र में बेहतर होने का मौका मिलता है। यही समय है जब आपको बाहर निकलकर साहसी कार्य करना चाहिए। आप अपने पंख खोलो और जितना उड़ सकते हो उड़ो। जो भी असंभव हो उसे अपने प्रयास से संभव कर दिखाओ।

उत्कृष्ट प्रदर्शन का हो प्रयास : राज्यपाल
राज्यपाल थावरचंद गहलोत (Thaawar Chand Gehlot) ने कहा कि आजादी के बाद से बीते सात से आठ वर्षों में देश भर में खेलकूद गतिविधियों को विभिन्न योजनाओं के तहत बढ़ावा मिला है। बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। देश के खिलाडिय़ों को विभिन्न खेलों से जुडऩे के लिए प्रोत्साहित किया गया है। देश में खेलकूद को बढ़ावा देने के साथ-साथ विश्व स्तरीय खलों में उतकृष्ट प्रदर्शन का प्रयास होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया का उद्देश्य वार्षिक खेल और प्रतियोगिताओं में युवाओं की सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना है। उच्च शिक्षा अनुदान आयोग ने भी देश भर के सभी विश्वविद्यालयों को खेल गतिविधियां आयोजित करने के लिए निर्देशित किया है। इस निर्णय से विवि परिसर में खेलकूद गतिविधियों बढ़ेंगी और खिलाडिय़ों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। देश भर से नए खिलाड़ी निकलेंगे।

महामारी के कारण देर से हो रहा आयोजन
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन कोरोना महामारी के कारण एक साल देर से हो रहा है। इसमें 200 यूनिवर्सिटी के करीब 4,000 खिलाड़ी 20 खेलों में हिस्सा लेंगे। जिसमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, मुक्केबाजी, तलवारबाजी, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, निशानेबाजी, तैराकी, टेनिस जैसे खेल शामिल हैं। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. सीएन अश्वथनारायण, खेल एवं युवा सबलीकरण मामलों के मंत्री के. नारायण गौड़ा और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। भारतीय विश्वविद्यालय संघ की साझेदारी में इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता की मेजबानी इस वर्ष जैन डीम्ड विवि कर रहा है।

पहले दिन के कुछ पदक विजेता
प्रतियोगिता के पहले दिन एमडीयू रोहतक की कोमल कोहर ने कुल 160 किग्रा (स्नैच 70 किलो और क्लीन एंड जर्क में 90 किलो) वजन उठाकर महिलाओं के 45 किग्रा वर्ग का खिताब जीता।

कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी भुवनेश्वर की स्नेहा सोरेन ने भारोत्तोलन में महिलाओं के 49 किलो वर्ग में 161 किग्रा (स्नैच में 69 और क्लीन एंड जर्क में 92 किलो) की कुल लिफ्ट के साथ स्वर्ण पदक जीता।

पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के विजय माहेश्वरी ने भारोत्तोलन में पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में 230 किग्रा (स्नैच में 100 किलो; क्लीन एंड जर्क में 130 किलो) की कुल लिफ्ट के साथ स्वर्ण पदक जीता।

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