बेंगलूरु शहर को केपटाउन नहीं बनने देंगे : जवाड़ेकर

बेंगलूरु शहर को केपटाउन नहीं बनने देंगे : जवाड़ेकर

Sanjay Kumar Kareer | Updated: 13 Feb 2018, 01:12:51 AM (IST) Bangalore, Karnataka, India

कर्नाटक में राहुल गांधी के चुनावी दौरे से कांग्रेस को नहीं बल्कि भाजपा को ही फायदा मिलेगा। इतिहास गवाह है कि जहां-जहां राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार किय

बेंगलुरु. शहर के भूजल स्तर में वृद्धि के लिए पार्टी ने एक समग्र योजना तैयार की है। भाजपा बेंगलूरु को दक्षिण अफ्रीका का केपटाउन नहीं बनने देगी। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने यह बात कही। यहां सोमवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने इस योजना का विवरण बताने से इनकार करते हुए कहा कि भाजपा के चुनाव घोषणा पत्र में विवरण दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की अनदेखी के कारण तालाबों के शहर के नाम से मशहूर बेंगलूरु शहर के कई तालाब मृतप्राय हो चुके हैं। शहर के कुछ बचे-खुचे तालाब सीवरेज से प्रदूषित हो चुके हैं। प्रशासनिक असंवेदना के कारण आईटी सिटी, गार्डन सिटी के नाम से मशहूर बेंगलूर शहर आज गारबेज सिटी तथा क्राइम सिटी बन गया है।

किसानों की ऋण-माफी के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिद्धरामय्या को भाजपा की उत्तर प्रदेश तथा महाराष्ट्र सरकारों की तर्ज पर किसानों का राष्टीयकृत बैंको से लिया ऋण माफ करने का साहस दिखाना चाहिए। किसान ऋण माफी नहीं बल्कि कृषि उपजों के लिए सही खरीदी मूल्य चाहते हैं। इसलिए अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने डॉ स्वामीनाथन के नेतृत्व में समिति का गठन किया था।

मोदी सरकार ने इस समिति की रिपोर्ट को स्वीकृत किया है। जबकि कांग्रेस की सरकार ने इस रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में रखा था। येड्डियूरप्पा जब मुख्यमंत्री थे तब जवार के खरीदी मूल्य 1550 रुपए से कम होने के बाद जवार की एकमुश्त खरीदी के लिए केंद्र स्थापित किए थे। आज जवार का मूल्य 1220 रुपए प्रति क्विंटल तक गिरा है। इसके लिए कांग्रेस की गलत नीतियां जिम्मेदार है।

राहुल के प्रचार से भाजपा का फायदा

मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि एआईसीसी के अध्यक्ष राहुल गांधी कर्नाटक में जहां जहां चुनाव प्रचार करेंगे वहां भाजपा की जीत सुनिश्चित है। कर्नाटक में राहुल गांधी के चुनावी दौर से कांग्रेस को नहीं बल्कि भाजपा को ही फायदा मिलेगा। इतिहास गवाह है कि जहां-जहां राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार किया है वहां-वहां भाजपा का कमल खिला है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चुनावी रणनीति के तहत राज्य के मठ मंदिरों को दौरा कर रहें है। स्वाभाविक रुप से धार्मिक होना तथा धार्मिक होने का प्रदर्शन करना दोनों में काफी अंतर है। कर्नाटक के मठ मंदिरों में माथा टेक रहें राहुल गांधी को बताना होगा की दिल्ली में उन्होंने कौनसे मंदिर का दर्शन किया है। गुजरात के चुनाव के दौरान भी स्वयं एक शिवभक्त होने का दावा कर राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार किया था। लेकिन गुजरात की जनता ने लगातार छठवी बार भाजपा के पक्ष में जनादेश देकर राहुल गांधी की पाखंडी राजनीति को करारा जवाब दिया है।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता राहुल गांधी के इस पाखंड को भलिभांति समझती है लिहाजा वह राहुल गांधी की अवसरवादी मंदिर राजनीति से कतई भ्रमित नहीं होगी। पहले कांग्रेस के नेता स्वयं को धर्मनिरपेक्ष होने का दावा करते थे लेकिन आज यही नेता हिंदुओं को भ्रमित करने के लिए हिंदुत्व का दावा कर रहें है। आज कल कांग्रेस के विज्ञापनों में अब तक गायब केसरीया रंग दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पकौड़ा प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसे विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेस श्रमजीवी लोगों को अपमानित कर रही है। उन्हें बताना चाहिए कि क्या आत्म सम्मान के साथ स्वरोजगार के तहत पकौड़े बेचना अपराध है।

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