अजीब मामला: मानवाधिकार आयोग ने दिया आदेश, पुलिसकर्मियों के वेतन से महिला को रुपए दिए जाएं

  • महिला को न्याय नहीं मिलने से मानवाधिकार आयोग नाराज
  • पुलिस वालों का वेतन काटकर मुआवजा देने के निर्देश

By: Santosh kumar Pandey

Published: 16 May 2020, 04:04 PM IST

बेंगलूरु. कर्नाटक राज्य मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन डी.एच.वघेला ने शिकायत के बावजूद एक वृद्धा को रक्षा और न्याय नहीं दिलाने पर पुलिस के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने पुलिस आयुक्त भास्कर राव को शीघ्र कार्रवाई का आदेश दिया।

कमलम्मा (65) नामक एक वृद्धा 40 साल से मुनिरेड्डी पाल्या निवासी शेषाद्री के घर पर काम करती थी। शेषाद्री ने कमलम्मा की इमानदारी को देखते हुए उन्होंने 15 गुणा 20 फीट का प्लॉट उपहार के तौर पर दिया था। कमलम्मा वहां शेड बनाकर रहती थी। शेषाद्री ने स्वर्गवास होने से पहले भूमि और संपत्ति पत्नी तथा पुत्रों के नाम की थी। पुत्रों ने भूमि शरवण नामक एक व्यक्ति को बेच दी।

पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया

शरवण ने वहां मकान बनवाना शुरू किया और कमलम्मा को भी शेड खाली करने को कहा। शरवण ने कमलम्मा को जबर्दस्ती बाहर निकाल दिया और उसकी सभी चीजें फेंक दी। कमलम्मा ने पुलिस थाने जाकर शिकायत की। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया और सहायता भी नहीं की।

पुलिस आयुक्त से शिकायत की

एक महिला वकील लता ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। पुलिस आयुक्त ने पुलिस निरीक्षक हरीश नायक को कमलम्मा की सहायता करने का आदेश दिया। फिर भी कमलम्मा को न्याय नहीं मिला। तब उसने आयोग में शिकायत दर्ज करा दी।

आयेाग के अध्यक्ष वघेला ने कमलम्मा को 1.5 लाख रुपए देने के अलावा उसकी जमीन वापस दिलाने का आदेश दिया। उन्होंने 1.5 लाख रुपए पुलिस निरीक्षक और दो उप निरीक्षकों के वेतन में से काटने का आदेश दिया।

Santosh kumar Pandey Desk
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