वर्क फ्रॉम होम से 25 फीसदी बढ़ा साइबर अटैक का खतरा

-साइबर सिक्योरिटी टूल और इससे जुड़ी सेवाओं की बढ़ी मांग
-सिस्को के अध्ययन में खुलासा

By: Nikhil Kumar

Published: 23 Oct 2020, 07:46 PM IST

बेंगलूरु. वर्क फ्रॉम होम से कंपनियों के लिए साइबर अटैक का खतरा बढ़ गया है। 73 फीसदी भारतीय कंपनियों ने माना कि कोविड महामारी के शुरुआत से साइबर अटैक या अलर्ट का खतरा 25 फीसदी से ज्यादा हुआ है। साइबर सिक्योरिटी टूल और इससे जुड़ी सेवाओं की मांग बढ़ी है। 65 फीसदी कंपनियों ने साइबर सिक्योरिटी बढ़ाई है। 84 फीसदी भारतीय संगठनों के लिए साइबर सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सिस्को के हालिया अध्ययन 'फ्यूचर ऑफ सिक्योर रिमोट वर्क रिपोर्ट' में यह तथ्य सामने आए हैं। यह अध्ययन दुनिया भर में सूचना प्रौद्योगिकी के संबंध में निर्णय लेने वाले तीन हजार से अधिक लोगों के सर्वेक्षण पर आधारित है। इनमें भारत समेत एशिया प्रशांत क्षेत्र के 13 बाजारों के 1900 से अधिक लोग शामिल हैं।

सिस्को इंडिया और सार्क (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ) के निदेशक (व्यापार सुरक्षा) वी. रमण ने बताया कि 66 फीसदी कंपनियों को डेटा गोपनीयता और 62 फीसदी कंपनियों को मालवेयर के खिलाफ सुरक्षा की चिंता है।

इस अध्ययन में यह भी पता चला है कि अधिकांश भारतीय कंपनियां कार्यबल को कार्यालय से इतर काम करने की सुविधा प्रदान करने के लिये तैयार नहीं थीं। कंपनियों को रातों-रात वर्क फ्रॉम होम का रास्ता अपनाना पड़ा। ज्यादातर संगठन अब एक मजबूत साइबर सुरक्षा की नींव डालने में लगे हुए हैं। 31 फीसदी कंपनियों के लिए क्लाउड सुरक्षा शीर्ष निवेश के रूप में उभर रही है।
53 फीसदी भारतीय कंपनियों के प्रबंधन ने बताया कि कोविड महामारी के बाद भी आधे से ज्यादा कर्मचारियों के घर से ही काम करने की उम्मीद है। कोविड के कारण 77 संगठन साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं।

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Nikhil Kumar Reporting
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