लॉकडाउन की आशंका में दिन-रात खट रहे मजदूर

परिवार के लिए राशन जुटा लेने की चिंता

By: Santosh kumar Pandey

Published: 03 Apr 2021, 05:53 PM IST

बेंगलूरु. कर्नाटक में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों ने यूं तो सभी को चिंता में डाला है लेकिन रोज मेहनत मजदूरी करके पेट भरने वाले श्रमिक ज्यादा भयभीत हैं। डर इस बात का है कि कहीं फिर से लॉकडाउन नहीं हो जाए। ऐसे में वे ज्यादा कमाने के लिए हाड़तोड़ मेहनत कर रहे हैं।
उत्तर कर्नाटक के कई इलाकों में लॉकडाउन की आशंका के कारण लोग कुछ अतिरिक्त रुपए कमाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।

मालूम हो कि पिछले साल जब कोरोना चरम पर था, सबसे ज्यादा पीडि़त दैनिक मजदूरी करने वाले लोग ही थे। इसलिए अब यह लोग जितनी जल्दी और जितना संभव हो सके, खूब पैसा कमा लेना चाहते हैं ताकि बुरे वक्त में दिन काट सकें। इनमें से कुछ ऐसे लोग है जिनके परिवार में कई सदस्य हैं। जिनमें बच्चे, महिलाएं शामिल हैं। ऐेसे लोग निर्माण स्थलों, उद्योगों और होटलों में काम कर रहे हैं।

उत्तर कर्नाटक के कई इलाकों में इनमें से कई मजदूर खेतों में काम कर रहे हैं और रात के दौरान सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे हैं।

स्वास्थ्य पर बुरा असर

बेशक, उनकी कमाई में वृद्धि हुई है, लेकिन इससे उनके स्वास्थ्य पर भारी असर पड़ा है। एक सुरक्षा गार्ड रमेश ने कहा कि कई लोग अपने परिवार के साथ सुबह खेतों में काम करने के लिए आ रहे हैं और शाम को कोई दूसरा काम तलाश करते हैं।
वे कहते हैं कि हम सभी को पैसे की जरूरत है। यदि सरकार एक और लॉकडाउन की घोषणा करती है, तो कम से कम हमारे पास किराने के सामान के लिए पर्याप्त पैसा होना चाहिए।

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Santosh kumar Pandey Desk
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