सीएम नहीं, क्लर्क की तरह कर रहा हूं काम: कुमारस्वामी

कांग्रेस-जद-एस गठबंधन सरकार की कमान संभाल रहे मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने फिर एक बार विवादित बयान दिया है। अक्सर गठबंधन सरकार की अंदरूनी खींचतान और आपसी मतभेदों का संकेत उनके बयानों से मिलता रहता है। कुमारस्वामी के ताजा बयान से एक बार फिर गठबंधन के बीच 'सब कुछ ठीक नहीं' होने के संकेत मिले हैं।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 10 Jan 2019, 10:18 PM IST

मुख्यमंत्री ने फिर दिया विवादित बयान

बेंगलूरु. कांग्रेस-जद-एस गठबंधन सरकार की कमान संभाल रहे मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने फिर एक बार विवादित बयान दिया है। अक्सर गठबंधन सरकार की अंदरूनी खींचतान और आपसी मतभेदों का संकेत उनके बयानों से मिलता रहता है। कुमारस्वामी के ताजा बयान से एक बार फिर गठबंधन के बीच 'सब कुछ ठीक नहीं' होने के संकेत मिले हैं।

दरअसल, जद-एस विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की एक बैठक को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि 'मैं एक क्लर्क की भांति काम कर रहा हूं न कि एक मुख्यमंत्री के रूप में। कांग्रेस के साथ हर मुद्दे पर भारी मतभेद हैं।'

मुख्यमंत्री ने परोक्ष रूप से कांग्रेस नेताओं पर दबाव में काम कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता उन पर वैसे काम कराने का दबाव डालते हैं जिससे फायदा कांग्रेस को हो। उन्हें मजबूरन कांग्रेस नेताओं को सुनना पड़ता है।

सूत्रों के अनुसार कुमारस्वामी ने कहा कि वे भारी दबाव में काम कर रहे हैं और कांग्रेस उनसे एक अधीनस्थ की तरह काम कराने का व्यवहार कर रही है।

इस बीच मुख्यमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येड्डियूरप्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से यह स्पष्ट है कि गठबंधन सरकार के घटक दलों के बीच तालमेल का नितांत अभाव है।

विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा को सर्वाधिक सीटों पर जीत मिलने के बावजूद उसे सत्ता से दूर रखने के लिए चिर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और जद-एस ने एक दूसरे से हाथ मिला लिया था। सबसे कम विधायकों वाले दल के नेता होने के बाद भी कांग्रेस ने कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बना दिया लेकिन सत्तासीन होने के बाद से दोनों दलों के बीच आपसी खींचतान कम नहीं हुआ।

यह पहला मौका नहीं है जब कुमारस्वामी ने कांग्रेस को लेकर अपना रोष प्रकट किया है। पिछले वर्ष जुलाई में कुमारस्वामी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे मुख्यमंत्री बनकर खुश नहीं है। वेे शिव की भांति (विषकंठ बनकर) विष पी रहे हैं।

हालांकि, आपसी तकरार की बात कोई भी घटक दल सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करता लेकिन बोर्ड-निगमों की नियुक्तियों के बाद कई बार दोनों पक्षों ने माना कि कुछ मुद्दों पर उनके बीच मतभेद हैं। लोकसभा चुनावों में सीटों की साझेदारी को लेकर भी दोनों घटक दलों के बीच आपसी खींचतान बढ़ी है।

Santosh kumar Pandey Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned