यदुवीर ने ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण पर दिया जोर

यदुवीर ने ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण पर दिया जोर

Sanjay Kumar Kareer | Updated: 22 Apr 2018, 05:52:24 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

फोर्ट स्कूल को बचाने की परियोजना शुरू

बेंगलूरु. मैसूर राजघराने के नए वारिस यदुवीर कृष्णदत्ता चामराज वाडियार ने ऐतिहासिक इमारतों को बचाने की जोरदार वकालत की है। शहर के 111 साल पुराने फोर्ट स्कूल के रखरखाव के लिए एक परियोजना 'इनटैकÓ लांच करने के बाद यदुवीर ने अपने पूर्वजों को भी याद किया जिन्होंने कला, संस्कृति, शिक्षा और स्थापत्य कला के विकास में अमूल्य योगदान दिया बल्कि उसका संरक्षण भी किया।

उन्होंने कहा कि यह ठीक है कि फोर्ट स्कूल का निर्माण उनके पूर्वजों ने करवाया था लेकिन यह विरासत सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्कि सभी की है। मैसूरु से लेकर बेंगलूरु तक वाडियार राजाओं ने कई खूबसूरत और भव्य इमारतों का निर्माण करवाया। मैसूरु पैलेस, ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट, लांसडाउन बाजार, बेंगलौर पैलेस सहित अन्य कई भवन इसके उदाहरण हैं।

अंग्रेजों ने बेंगलूरु में कई इमारतों का निर्माण करवाया। चामराजा वाडियार और उनके पुत्र नलवाडी कृष्णराजा वाडियार कला और संस्कृति के बड़े संरक्षक थे। उन्होंने अपने शासनकाल में इसे खूब बढ़ावा दिया और आज दोनों शहरों में कई भवन उनकी देन है। टीपू सुल्तान पैलेस के करीब वर्ष 1907 में निर्मित फोर्ट स्कूल मैसूर कला का अद्भुत उदाहरण है। इसे 2.5 करोड़ रुपए की लागत से संरक्षित किया जाएगा। वहीं एशियाटिक भवन जिसमें जनता बाजार है, उसका उद्घाटन युवराज कंठीरवा नरसिंहरजा वाडियार ने 1935 में किया था।


अब एशियाटिक भवन के गिरने का खतरा
कला संरक्षक यशस्विनी शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद इनमें से कई भवनों की चमक फीकी पड़ गई वहीं कई भवन विलुप्त हो गए और विकास के नाम पर उनकी जगह नई संरचनाएं खड़ी हो गईं। अब जो भवन खतरे में है वह एशियाटिक भवन है। यदुवीर ने कहा कि बेंगलूरु एक आकर्षक शहर है जहां खूबसूरत इमारतें, बगीचे और फव्वारे हैं। लेकिन, इस खूबसूरती और चमक को खोते हुए देखना बुरा लगता है।

पिछले वर्ष लालबाग में क्रमबिगल हॉल को खो दिया जिसे बचाया जा सकता था। उसे संरक्षित किया जाना चाहिए था। अब एशियाटिक भवन को गिराए जाने का खतरा है। उन्होंने कहा कि नए भवन का निर्माण कोई बुरी बात नहीं है लेकिन वह किसी विरासत को ढहाकर नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्हें खुशी है कि फोर्ट स्कूल के संरक्षण से बच्चों के मन में विरासत के प्रति पे्रम उपजेगा और वे इसका संरक्षण करेंगे।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned