यशवंतपुर विधानसभा क्षेत्र : आसान नहीं सोमशेखर के लिए हैट्रिक की राह

यशवंतपुर में मुकाबला भाजपा और क्षेत्रीय दल जद-एस के बीच है।

बेंगलूरु. मतदाताओं की संख्या के लिहाज से यशवंतपुर शहर का दूसरा बड़ा विधानसभा क्षेत्र है लेकिन यहां चुनावी जंग उपचुनाव वाले बाकी क्षेत्रों से बिल्कुल अलग है। जहां बाकी क्षेत्रों में मुकाबला राष्ट्रीय दलों- भाजपा और कांग्रेस के बीच है, वहीं यशवंतपुर में मुकाबला भाजपा और क्षेत्रीय दल जद-एस के बीच है। कांग्रेस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रही है।

इस क्षेत्र में भी विकास के मुद्दे गौण है और चुनावी लड़ाई सिर्फ जातीय समीकरणों तक सिमट कर रह गया है। पिछले दो बार से इस क्षेत्र में हारी भाजपा को उम्मीद है कि इस बार कांग्रेस से पाला बदलकर आए अयोग्य विधायक एसटी सोमशेखर के सहारे इस क्षेत्र पर फिर से कब्जा करने की आस कर रही है। हालांकि, पिछले दो चुनावों में हार चुके जद-एस के टीएन जवराई गौड़ा और कांग्रेस के पी. नागराज से सोमशेखर को कड़ी चुनौती मिल रही है। शहरी और ग्रामीण मिश्रित क्षेत्र होने के कारण कई मुद्दे हैं लेकिन इसकी चर्चा कम हो रही है। इस क्षेत्र में बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका के पांच वार्डों के साथ ही 17 ग्राम पंचायतें भी आती हैं।

यह सीट 2008 में नए परिसमीन के बाद हुए चुनाव में दुबारा अस्तित्व में आया था। पहले चुनाव में भाजपा की शोभा करंदलाजे जीती थीं। उसके बाद लगातार दो बार कांग्रेस के सोमशेखर जीते थे। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के करीबी रहे सोमशेखर गठबंधन सरकार के पतन की व्यूह रचना करने वाले असंतुष्ट विधायकों में शामिल थे। अब वे भाजपा के उम्मीदवार हैं। कांग्रेस ने सोमशेखर के खिलाफ स्थानीय नेता पी. नागराज को उतारा है। इस सीट पर पिछले दो चुनावों में जद-एस की मजबूत मौजूदगी रही है। कांग्रेस यहां अपनी जीत से ज्यादा सोमशेखर को मात देने की कोशिश कर रही है।

Priyadarshan Sharma
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