भगवान महावीर के सिद्धांतों पर चले युवा पीढ़ी

भगवान महावीर के सिद्धांतों पर चले युवा पीढ़ी

Sanjay Kumar Kareer | Publish: Nov, 29 2018 08:48:09 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

जैन धर्म के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा

बेंगलूरु. साध्वी प्रियरंजनाश्री आदि ठाणा, साध्वी वीरकांता आदि ठाणा 4, तपस्वी सुमित्रा, सुप्रिया आदि ठाणा 6 का संत समागम कार्यक्रम बुधवार को श्रीनिवासनगर में संपन्न हुआ। साध्वी वीरकांता ने अपने उद्बोधन में जैन धर्म के सभी गच्छ सम्प्रदायों के साधु साध्वी, भगवंतों की जैन धर्म के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की।
साध्वी सुमित्रा ने युवा पीढ़ी को भगवान महावीर के सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रेरित किया। साध्वी प्रियरंजनाश्री ने सभी युवाओं को स्वाध्याय के लिए प्रेरित किया। ललित डाकलिया ने बताया कि कार्यक्रम में अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद, हनमंतनगर स्थानकवासी जैन संघ, जिनकुशल सूरी जैन दादावाड़ी ट्रस्ट बसवनगुड़ी के सदस्य उपस्थित रहे। संचालन अरविंद कोठारी ने किया।

परमात्मा के साथ संबंध जोड़ें श्रावक

मैसूरु. महावीर जिनालय में जैनाचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर ने धर्मसभा में कहा कि चार गतियों में अनेकानेक दुखों को सहन करते हुए जगत में रह रहे सभी जीवों की भवयात्रा अनादिकाल से चल रही है। उन्होंने कहा कि इस जीवन में भी सुख दुख रहते हुए जीवन यात्रा भी चल रही है और मृत्यु होने के बाद अपनी श्मशान यात्रा भी अवश्य होनी है। इन सारी यात्राओं का तात्पर्य से कोई अर्थ नहीं है। इन यात्राओं का अंत लाने के लिए तीर्थ स्थानों की विधिपूर्वक आराधना करनी चाहिए। आत्मा का रक्षण करने का सामथ्र्य जिसमें हो वे तीर्थ है। प्रत्येक श्रावक को वर्ष में कम से कम एक बार तीर्थ स्थानों में आकर परमात्मा के साथ संबंध जोडऩा चाहिए।

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