script846 hectare teak forest in danger of forest | दावानल के खतरे में 846 हैक्टेयर का सागवान का जंगल | Patrika News

दावानल के खतरे में 846 हैक्टेयर का सागवान का जंगल

गढ़ी रेंज में सरेड़ी बड़ी से सटे वन क्षेत्र की सुरक्षा के इंतजाम नहीं, संसाधनों के संकट से जुड़ रहा वन विभाग, जिम्मेदार नहीं दे रहे तवज्जो

 

बांसवाड़ा

Published: March 31, 2022 01:17:56 am

बांसवाड़ा.सरेड़ी बड़ी. कस्बे के चारों ओर फैले 846 हेक्टेयर सागवान से जंगल पर दावानल का खतरा मंडरा रहा है। वन विभाग एवं सरकार की इच्छाशक्ति के अभाव में वन क्षेत्र असुरक्षित है और कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। सूत्र बताते हैं कि होली के बाद गर्मी का दौर शुरू होने के साथ यहां हर बार दावानल की शिकायत रही है। इसकी आड़ में पूर्व में जंगल का हिस्सा साफ कर कब्जा करने एवं लकड़ी चुराने की गतिविधियां सामने आती रही हैं। हालांकि इस क्षेत्र में हाल के दिनों में लकड़ी की अवैध कटाई या वनभूमि पर कब्जों के मामले सामने नहीं आए हैं, लेकिन क्षेत्र में जब-तब उठने वाली आग की लपटें और इनसे निबटने में वन विभाग अक्षम प्रतीत होने से जंगल का भविष्य संकट में है। दरअसल, हकीकत यह भी है कि यहां आग लगने पर नियंत्रण के लिए वन नाके पर स्टाफ भी गिनती का है, जबकि जंगल का परिक्षेत्र काफी विशाल है। ऐसे में जब निगरानी ही जैसे-तैसे हो रही है तो आग लगने पर काबू पाना मुश्किल ही है। इसके चते जब-तब आग लगने पर लेंटाना यानी कंटीली झाडिय़ों और सूखे पेड़ों-पत्तों के साथ सागवान के हरे पेड़ स्वाह हो रहे हैं, वहीं इस इलाके के वन्य जीव भी खत्म हो रहे हैं। यहां पैंथर, नीलगाय, खरगोश, जरख, लोमड़ी के अलावा सरिसर्पों का बसेरा रहा है, जिनका जीवन दावानल के चलते संकट में आ रहा है। ऐसे में इस जंगल को 30 किलोमीटर की पक्की चारदीवारी की दरकार है। माखिया वन नाका चौकी प्रभारी रघुनाथसिंह ने बताया कि गर्मी में जंगल में उठता धुंआ आए दिन परेशान करता रहा है। आसपास ग्रामीणों के सहयोग आग बुझाते हैं। जंगल के अंदर पानी की सुविधा संभव नहीं है। अग्निशमन यंत्र भी नहीं पहुंच पाते। ऐसे में फायरलाइन डालना ही विकल्प रहा है।
दावानल के खतरे में 846 हैक्टेयर का सागवान का जंगल
दावानल के खतरे में 846 हैक्टेयर का सागवान का जंगल
इनका कहना है

जंगल की सुरक्षा के लिए चारदीवारी बनाने के प्रस्ताव लगातार भेजे हैं। मंजूरी मिलने पर यह काम संभव है। जंगल के क्षेत्र में फायरलैन विकसित करके दावानल पर आग काबू करने की जद्दोजहद से बचा जा सकता है। अग्निशमन की सुविधाएं भी स्टाफ को मिलनी जरूरी है, लेकिन यह वर्तमान में नहीं है।
कुलदीपसिंह , क्षेत्रीय वन अधिकारी, गढ़ी

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather. राजस्थान में आज 18 जिलों में होगी बरसात, येलो अलर्ट जारीसंस्कारी बहू साबित होती हैं इन राशियों की लड़कियां, ससुराल वालों का तुरंत जीत लेती हैं दिलशुक्र ग्रह जल्द मिथुन राशि में करेगा प्रवेश, इन राशि वालों का चमकेगा करियरउदयपुर से निकले कन्हैया के हत्या आरोपी तो प्रशासन ने शहर को दी ये खुश खबरी... झूम उठी झीलों की नगरीजयपुर संभाग के तीन जिलों मे बंद रहेगा इंटरनेट, यहां हुआ शुरूज्योतिष: धन और करियर की हर समस्या को दूर कर सकते हैं रोटी के ये 4 आसान उपायछात्र बनकर कक्षा में बैठ गए कलक्टर, शिक्षक से कहा- अब आप मुझे कोई भी एक विषय पढ़ाइएUdaipur Murder: जयपुर में एक लाख से ज्यादा हिन्दू करेंगे प्रदर्शन, यह रहेगा जुलूस का रूट

बड़ी खबरें

'मैं उन्हें गोली मारने को भी तैयार',पीसी जॉर्ज की पत्नी ने CM विजयन को दी खुलेआम धमकीAmravati Murder Case: उमेश कोल्हे की हत्या को पहले डकैती का एंगल दिया गया, इसकी जांच करवाएंगे- डिप्टी सीएमपंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सोमवार को मंत्रिमंडल का करेंगे विस्तार, कई नए मंत्री ले सकते हैं शपथAmravati Murder Case: उमेश कोल्हे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई सामने- गर्दन पर चाकू का गहरा घाव, दिमाग व आखं की नस और खाने की नली डैमेजIND vs ENG: Jonny Bairstow ने भारत के खिलाफ जड़ा तूफानी शतक, बनाए कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्सराजधानी में आधे दिन तक ही रहा प्रदेश बंद का असर, यात्रियों को हुई असुविधा, तो कहीं राशन के लिए भटके लोगMaharashtra: आरटीआई एक्ट का गलत फायदा उठाकर रंगदारी वसूलने के आरोप में 23 गिरफ्तार, पुलिस ने खोले बड़े राजसड़क पर उतरे लोग, बोले-हत्यारों को फांसी दो
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.