राज के काज में ढिलाई देखनी हो तो बांसवाड़ा आएं न भवन का निर्माण न जमीन की हो पाई तलाश

 

समिति कार्यालय

बांसवाड़ा. राज के काज में ढिलाई देखनी हो तो बांसवाड़ा आएं। जिला मुख्यालय पर दो अलग-अलग विभागों के ही ऐसे उदाहरण हैं, जिसमें प्रशासनिक से लेकर राजनीतिक स्तर पर ढिलाई साफ परिलक्षित हो रही है। मामला पंचायत समिति बांसवाड़ा के भवन और क्रय-विक्रय सहकारी समिति के सुपर मार्केट निर्माण से जुड़ा है। इनमें पंचायत समिति भवन के लिए जमीन की तलाश पूरी नहीं हो पाई है तो सुपर मार्केट का काम शिलान्यास के बाद से अटका है।

By: Sudhir Bile Bhatnagar

Published: 06 Jan 2020, 01:14 PM IST


प्रदेश में नई पंचायत समितियों के गठन के अन्तर्गत तलवाड़ा को पृथक से पंचायत समिति बनाया था। इससे पहले बांसवाड़ा पंचायत समिति का मुख्यालय तलवाड़ा था। तलवाड़ा के पंचायत समिति बनने के बाद वहां भवन उपलब्ध होने से कार्यालय का सुचारू संचालन शुरू हो गया, लेकिन बांसवाड़ा पंचायत समिति के लिए भवन नहीं होने से इसे कलक्ट्री स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र के एक हिस्से में शुरू किया गया। इसके बाद बीते पांच सालों से बांसवाड़ा पंचायत समिति के भवन निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
विकास अधिकारी डा. दलीपसिंह का कहना है कि भवन निर्माण के लिए भूमि को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर भूमि का चिह्निकरण भी किया है।
ग्रामीणों ने किया था हंगामा
गौरतलब है कि बीते दिनों पंचायत समिति भवन निर्माण खसरा संख्या 1579/685, 1551/685, 1579/579 में भूमि आवंटन का प्रस्ताव पारित करने को लेकर ठीकरिया में बैठक हुई थी। इस दौरान मौजूद ग्रामीणों ने उक्त भूमि देने से इनकार करते हुए हंगामा कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जिस भूमि पर पंचायत समिति भवन बनाने का प्रस्ताव है, वहां गांव का एकमात्र तालाब है। ऐसे में ग्रामीण तालाब की भूमि देने के लिए राजी नहीं
हुए। हालांकि इस दौरान मकोडिय़ा पुल के समीप खसरा नम्बर 2243/57 पर 11 बीघा 17 बिस्वा, त्रिपुरा कॉलोनी में खसरा नम्बर 793/1 में 46.05 बीघा, सेंटपॉल स्कूल ठीकरिया में स्थित खसरा नम्बर 674/3 में 5 बीघा देने के लिए सहमति जताई थी।
तीन साल पहले शिलान्यास
जिला मुख्यालय पर ही कलक्ट्री परिसर से सटे क्रय-विक्रय सहकारी समिति बांसवाड़ा के परिसर में नए सुपर मार्केट के निर्माण को लेकर तीन साल पहले शिलान्यास हुआ। इसके बाद से अब तक यहां एक ईंट नहीं लगी है। 24 दिसम्बर 2016 को तत्कालीन सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक के आतिथ्य, तत्कालीन राज्यमंत्री धनसिंह रावत व संसदीय सचिव भीमा भाई, सांसद मानशंकर निनामा की मौजूदगी में यहां शिलान्यास हुआ था। सुपर मार्केट के निर्माण पर दस लाख रुपए खर्च होने प्रस्तावित थे। इस बारे में पूछने पर व्यवस्थापक परेश पंड्या ने कहा कि यह सही है कि शिलान्यास के बाद काम नहीं हो पाया है। वर्तमान में समिति के पास मुख्य मार्ग पर चार दुकानें हैं, जो काफी पुरानी है। प्रशासक को प्रस्ताव दिया है, जिसके अनुसार इन दुकानों का सुदृढ़ीकरण कर सुपर मार्केट का रूप दिया जाए। जिससे किसानों के लिए खाद-बीज, कृषि उपयोगी संसाधनों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

Sudhir Bile Bhatnagar
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