scriptभजनलाल सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में खुले 303 कॉलेजों की जांच के दिए आदेश, पूर्व सीएम गहलोत की बढ़ेंगी मुश्किलें ! | Banswara News : Rajasthan govt orders investigation in opening of 303 colleges during previous Congress regime | Patrika News
बांसवाड़ा

भजनलाल सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में खुले 303 कॉलेजों की जांच के दिए आदेश, पूर्व सीएम गहलोत की बढ़ेंगी मुश्किलें !

हालात यह हैं कि राजसेस के तहत खोले गए इन कॉलेजों में से कई का न तो भवन तैयार हुआ है और न ही वहां आवश्यकता अनुसार व्याख्याताओं को नियुक्त किया गया है। नोडल कॉलेजों मेे सेवारत व्याख्याताओं के पन्द्रह-पन्द्रह दिन भेजकर अध्यापन व्यवस्थाएं करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इस मामले में भी स्थिति ठीक नहीं है।

बांसवाड़ाJun 12, 2024 / 12:02 pm

जमील खान

योगेश कुमार शर्मा

Banswara News : बांसवाड़ा. प्रदेश में गत कांग्रेस शासन के दौरान राजस्थान कॉलेज एज्युकेशन सोसायटी (राजसेस) के तहत खोले गए 303 कॉलेजों के नामांकन व उपादेयता सहित अन्य बिन्दुओं की पड़ताल की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने 8 जून को आदेश जारी कर वर्धमान महावीर महावीर खुला विवि, कोटा के कुलपति प्रो. कैलाश सोडऩी को संयोजक बनाते हुए 8 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में वित्त, विधि और उच्च शिक्षा से जुड़े अधिकारियों एवं अनुभवी शिक्षविदों को शामिल किया गया है। इसमें यह भी देखा जाएगा कि नए कॉलेज खोलने के संबंध में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-20202 विहित मानदण्ड की पालना हुई है या नहीं? इसके लिए इस कमेटी को जांच व समीक्षा रिपोर्ट देने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।पत्र में इस जांच के कारण व भविष्य की किसी भी कार्रवाई का उल्लेख नहीं हैं। पर, माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के बाद सरकार इनमें से कई कॉलेज के भविष्य में संचालन को लेकर बड़ा निर्णय कर सकती है।
भवन व स्टाफ का भी नहीं ठिकाना
हालात यह हैं कि राजसेस के तहत खोले गए इन कॉलेजों में से कई का न तो भवन तैयार हुआ है और न ही वहां आवश्यकता अनुसार व्याख्याताओं को नियुक्त किया गया है। नोडल कॉलेजों मेे सेवारत व्याख्याताओं के पन्द्रह-पन्द्रह दिन भेजकर अध्यापन व्यवस्थाएं करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इस मामले में भी स्थिति ठीक नहीं है। इसके चलते कई कॉलेजों में व्यवस्थाएं स्कूल स्तर की भी नहीं हैं। वहीं इन कॉलेजों में गत दिनों प्रतिनियुक्त किए गए प्राचार्य का वेतन भी अन्य कॉलेजों से जारी करना पड़ रहा है। सभी निर्णय नोडल प्राचार्य के जरिए ही करवाए जा रहे हैं। विद्या संबल में लगाया गया स्टाफ की समयावधि भी बहुत कम है, जिससे कोर्स पूरा तक नहीं हो रहा है।
यह है कमेटी : विधि, वित्त व शिक्षाविद् शामिल
सदस्य सचिव : हर्ष सावन सुखा, संयुक्त शासन सचिव कॉलेज शिक्षा सदस्य : पुखराज सेन, आयुक्त कॉलेज शिक्षा, प्रो. बी.एल.चौधरी पूर्व अध्यक्ष माशि बोर्ड, अजमेर, प्रो. अखिल रंजन एमबीएम विवि जोधपुर, लखपत मीणा वित्तीय सलाहकार आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, प्रो. शोभाराम शर्मा संयुक्त निदेशक विधि आयुक्त कॉलेज शिक्षा, प्रो. मुकेश कुमार शर्मा उच्च् शिक्षा विभाग जयपुर को शामिल किया गया है। राजसेस के तहत बांसवाड़ा जिले में छोटी सरवन, गांगड़तलाई, आनंदपुरी, कन्या कॉलेज कुशलगढ़, गढ़ी में कॉलेज संचालित हैँ। इनमें प्रति कॉलेज 160 सीटें हैं और वर्तमान में सिर्फ कला संकाय का संचालन किया जा रहा है। इनमें स्थाई व्याख्यात नहीं हैं। पूर्व में संचालित बड़े महाविद्यालयों के प्राचार्य को नोडल के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
छात्रहित सर्वोपरि रहेगा
राजसेस कॉलेजों के नामांकन व आवश्यकता की समीक्षा की जिम्मेदारी मिली है। कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक में आवश्यक विषयों पर चर्चा कर छात्रहित को केन्द्र में रखते हुए रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू करदी है। प्रो. कैलाश सोडानी, संयोजक जांच कमेटी एवं कुलपति, महावीर महावीर खुला विवि, कोटा

Hindi News/ Banswara / भजनलाल सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में खुले 303 कॉलेजों की जांच के दिए आदेश, पूर्व सीएम गहलोत की बढ़ेंगी मुश्किलें !

ट्रेंडिंग वीडियो