बांसवाड़ा : एंबुलेंस सेवा निढाल, साहब! अब तो करा दो सुधार

बांसवाड़ा जिले में चलने वाली एंबुलेंस में संसाधन और व्यवस्थाएं चौपट, अगस्त के बाद नहीं हुई मरम्मत

By: Ashish vajpayee

Published: 03 Nov 2017, 08:52 PM IST

बांसवाड़ा/अरथूना/खमेरा. चिकित्सा विभाग की लचर व्यवस्था के कारण मरीजों की जीवन सुरक्षा के लिए सडक़ों पर दौडऩे वाली जीवन वाहिनियां बीमार हैं। इन गाडिय़ों की हालत ऐसी है कि सडक़ों पर दौडऩे के दौरान ये खुद हांफ जाती हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही और चिकित्सा विभाग की यह लचर व्यवस्था मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करने का आतुर है। फिर चाहे गाड़ी की सर्विस की बात हो या उसमें सदैव उपस्थित रखने वाले चिकित्सकीय या गैर चिकित्सकीय संसाधनों की कमी साफ-साफ नजर आती है। जिसका खामियाजा बांसवाड़ा जिले की गरीब जनता को भुगतना पड़ता है।

खमेरा : कांच टूटा तो डाल दिया कपड़ा

एंबुलेंस के जिम्मेदारों की लापरवाही इस कादर हावी है कि चंद रुपए बचाने के लिए इन्हें न तो मरीज की पड़ी है और न ही नियम की फिक्र है। खमेरा स्थित आदर्श पीएचसी में संचालित एंबुलेंस 104 की हालत बेहद ही खराब है। बेरुखी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि दो माह से गाड़ी का शीशा टूट जाने पर नया लगाने की बजाय इसमें कपड़े का टुकड़ा टांग कर काम चलाया जा रहा है। गर्भवती को अस्पताल तक ले जाने वाली इस गाड़ी में सिर्फ यही एक समस्या नहीं है। इसके अलावा 14 अगस्त के बाद से इस गाड़ी की सर्विस भी नहीं कराई गई। यहां तक कि गाड़ी में सायरन भी नहीं बजता और स्टेपनी का भी अभाव है। इस गाड़ी की हालत देख ऐसा लगता है मानो गाड़ी सडक़ पर अब बंद हुई या तब बंद हुई।

अरथूना : धूल खाते मरीज पहुंचते हैं अस्पताल

ग्रामीणों को सेवाएं देने के लिहाज से अरथूना सीएचसी में 104 और 108 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। यहां पर भी दोनों ही एंबुलेंस की हालत बेहद खराब है। यहां तक कि महज मरम्मत के अभाव में एक एंबुलेंस बंद पड़ी है, जिसे लेकर अभी तक कोई सुधार नहीं किया गया है। वहीं, यहां संचालित 108 की हालत भी खराब है।

एंबुलेंस 108 : इस सीएचसी में संचालित 108 एंबुलेंस में तो मरीज अस्पताल तक धूल खाते ही जाते हैं। दरअसल, इसके पीछे का दरवाजा दुरुस्त नहीं है। इसके ऑक्सीजन सिलेंडर में लीकेज है और तो और एंबुलेंस के प्रति जिम्मेदारों की बेरुखी का अलाम यह है कि इस गाड़ी की 10 जून के बाद से सर्विस ही नहीं कराई गई। रखरखाव के अभाव में इसके इंजन से ऑयल भी टपक रहा है, जिससे रास्ते में यह कभी भी बंद पड़ सकती है। इस गाड़ी में आगे के दरवाजे और आगे का बम्पर भी सुधार की बाट जो रहे हैं।

एंबुलेंस 104 : यहां पर संचालित 104 की हाल इतने खराब हैं कि गाड़ी से चलना ही बंद कर दिया है। महज क्लच प्लेट खराब होने के कारण गाड़ी बंद पड़ी है, जिसमें अभी तक सुधार नहीं कराया गया। विशेष तौर पर गर्भवती के लिए लगाई गई इस गाड़ी के खराब होने के कारण 108 की मदद लेनी पड़ रही है। सिर्फ इतना ही नहीं गाड़ी का पिछला और स्टेपनी का टायर भी फट चुके हैं।

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