अवैध संबंध पर युवक ने दोस्तों के साथ मिलकर किया कुल्हाड़ी से वार, सगे भाई को उतारा मौत के घाट

Murder in Rajasthan, Banswara Crime News : छींच में हत्या कर शव फेंकने के केस का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित तीन गिरफ्तार

By: Varun Bhatt

Updated: 29 Jun 2020, 04:01 PM IST

बांसवाड़ा. छींच में पिंडारमा की ओर बहने वाली नहर के किनारे हत्या कर युवक की लाश फेंकने के मामले में कलिंजरा थाना पुलिस ने मृतक के सगे भाई समेत तीन जनों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है। हत्याकांड अवैध संबंधों के चलते भाई-भाई के बीच हुई रंजिश का परिणाम था, जिसे धोखे से बुलाकर दोस्तों के साथ अंजाम दिया गया। सीआई देवीलाल ने बताया कि शनिवार दोपहर छींच-बागीदौरा मार्ग के करीब से गुजर रही नहर के दायीं तरफ खेतों से सटी नाली में सड़ी-गली लाश मिली थी। मौके पर एक जोड़ी चप्पल, एक मोबाइल का कवर, मोबाइल के पीछे लगने वाला स्टीकर और एक मोबाइल शॉप का विजिटिंग कार्ड मिला। स्टीकर से मोबाइल नंबर और उसके मालिक चिरोला बड़ा निवासी मृतक पारस की जानकारी हुई। बाद में बुलावे पर पहुंचे परिजनों ने शिनाख्त की और मौके के हालात के आधार पर मृतक के भाई हुका की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। तहकीकात से फरियाद करने वाला मृतक का सगा भाई और उसके दो दोस्त ही कातिल निकले। इन्होंने धोखे से ले जाकर पारस पर कुल्हाड़ी से वार किए और हत्या कर शव घसीटकर नाली में फेंक दिया था। इसके पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर हुका, उसके दोस्त शांतिलाल पुत्र मोहन रावत और रमेश पुत्र गांगजी को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, बाइक के अलावा मृतक का मौके से लिया मोबाइल बरामद किया है।

बांसवाड़ा : दो दिन से लापता युवक की हत्या, सिर फोड़ा और बेरहमी से घसीटकर नाली में डाली लाश

रिश्ते से आई खटास, उल्टा धमकाने पर रची साजिश
सीआई ने बताया कि हत्या का असल कारण पारस का अवैध संबंध था। इसकी जानकारी पर इनमें विवाद हुआ, तो पारस ने धमकाया। इस पर हुका ने शांति और रमेश के साथ सुनियोजित तरीके से वारदात की। इसके लिए हुका और रमेश पहले ही नहर किनारे पहुंच गए, वहीं शांति ने फोन कर पारस को बड़ोदिया बुलाया और वहां से बाइक पर उसे घटनास्थल पर लाया। इसके बाद हुका ने घर से लाई कुल्हाड़ी से सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। इससे उसकी मौत हो गई। बाद में तीनो ंने सबूत नष्ट करने क लिए लाश घसीटकर नाली में फेंकी। इस बीच, पारस का मोबाइल जेब से गिरने पर रमेश ने उठा लिया। उसके कवर पर खून लग गया, तो उसने निकालकर फेंक दिया। तभी स्टीकर और विजिटिंग कार्ड भी वहीं गिर गए।

कॉल डिटेल बनी मददगार
मामले को 24 घंटे के भीतर खोलने में मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल मददगार रही। इससे उपजी शंका पर पुलिस शांतिलाल से पूछताछ की तो वह सकपका गया। बाद में तसल्ली देकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछने पर उसने सारी कहानी बता दी। इससे बड़े भाई हुका की मुख्य भूमिका और फरियादी बनकर गुमराह करने की साजिश का खुलासा हो गया।

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