बांसवाड़ा : पढ़ाई के नाम पर देवर भाभी के साथ मनाता था रंगरेलियां, भाई को पता लगा तो दे दी भयानक मौत

अवैध संबंधों के चलते भाई की हत्या कर शव कुएं में डाला, पुलिस के डर से दफनाने की जगह जलाया
फूफा और चचेरा भाई गिरफ्तार, अरथूना थाना इलाके की वारदात

By: Ashish vajpayee

Published: 20 Jan 2018, 10:56 AM IST

बांसवाड़ा/अरथूना. अरथूना थाना इलाके के डूंगर गांव में नवंबर में अवैध संबंधों के चलते भाई की हत्या करने के बाद पत्थर बांधकर शव को बगैर मुंडेर के कुएं में पटक दिया गया। वारदात का किसी को भनक नहीं लगे और सबूत नष्ट हो जाए इसके लिए शव दफनाने की पारंपरिक प्रथा को तोड़ अंतिम संस्कार के तहत शव जलाया। इस मामले में पुलिस ने मृतक के फूफा और चचेरे भाई को गिरफ्तार किया है। एसपी कालूराम रावत ने बताया कि इस वारदात में मृतक के चचेरे भाई डूंगर निवासी रमेश उर्फ रमेशचन्द्र पुत्र धूला तथा उसके फूफा लोहारियापाड़ा हाल डूंगर निवासी भूरा उर्फ भूरालाल पुत्र पूंजा डामोर को गिरफ्तार किया है।

यह था मामला

पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने बताया कि 11 नवंबर को अरथूना थाना इलाके के डूंगर गांव निवासी सुभाष (17) पुत्र प्रभु डामोर की अपने ही घर के पीछे एक कुएं में डूबने की सूचना प्राप्त हुई थी। हालांकि पुलिस के पास इसकी कोई रिपोर्ट नहीं आई थी, लेकिन इसी बीच मुखबिर से यह सूचना मिली कि सुभाष की हत्या करने के बाद उसके शरीर पर पत्थर बांधकर उसे कुएं में पटक गया है। पुलिस ने जांच की तो मौत से संबंधित कई जानकारियां भी मिलीं। उन्होंने खुद मौका निरीक्षण किया। साथ ही कई पुलिस अधिकारियों को छानबीन में लगाया व डूंगर गांव के आस-पास के लगभग 50 ग्रामीणों से अलग-अलग पूछताछ की। मोबाइलों की कॉल डिटेल भी निकलवाई गई। सादी वर्दी में पुलिस कर्मियों को भी देहात में भेजा गया और जानकारियां एकत्रित करवाई गईं।

इसके बाद तकनीकी जानकारियों एवं कुछ फोटोग्राफों के अनुसंधान में सामने आया कि सुभाष की हत्या 11 नवंबर 2017 को सुबह 5:30 के बाद की गई थी। उस समय सामान्यतया ग्रामीण क्षेत्र में लोग जागना शुरू हो जाते है। सुभाष का शव कुएं से निकालते समय कु छ लोगों ने शव के पैर एक रस्सी से बंधे होने और सुभाष के मुंह से खून निकलने की बात बताई। पैरो में रस्सी के साथ एक बड़ा पत्थर भी बंधा था। इस तरह के साक्ष्य सामने आने के बाद जब पुलिस ने और गहनता से पूछताछ की तो सामने आया कि मृतक के परिवार में शव दफनाने की परंपरा है, लेकिन सुभाष के शव का पुलिस को सूचना दिए बगैर ही जलाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पुलिस का ध्यान एवं संदेह पड़ोसियों एवं परिजनों पर ही गया।

पूछताछ में ही फूट पड़े

अनुसंधान टीम ने सबसे पहले मृतक सुभाष के बड़े पिता के लडक़े डूंगर निवासी रमेश (20) पुत्र धूला एवं उसके फूफा गढ़ी थाना इलाके के लोहारियापाड़ा हाल डूंगर निवासी भूरालाल (25) पुत्र पूंजा डामोर से गहनता से पूछताछ की, जिसमें दोनों ने वारदात के दिन सुबह 5:30 बजे बाद सुभाष की हत्या करना कबूल किया।

अवैध संबंधों के चलते मारा

पुलिस को गुमराह करने के भी हुए प्रयास एसपी ने बताया कि जब धूला, भूरालाल व रमेश को इस बात की भनक लगी कि पूरी जानकारी आस-पास के लोगों को हो गई है तब षड्यंत्र रचकर भूरालाल ने सुभाष के पिता प्रभु से मिलकर अन्य लोगो के नाम लिखवाए। ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके, लेकिन पुलिस ने जब कड़ी से कड़ी जोड़ी तो पुलिस आरोपितों तक पहुंचती चली गई।

पढ़ाई के लिए जाता था बन गए अवैध संबंध

एसपी ने बताया कि सुभाष एवं रमेश का घर आस-पास थे और दोनंो चाचा-ताऊ के लडक़े थे। सुभाष 10वीं कक्षा का छात्र था, लेकिन सुभाष के घर पर बिजली नहीं होने की वजह से वह ताऊ के घर पर पढ़ाई करने के लिए जाता था। वहां सुभाष के अवैध संबंध रमेश की पत्नी से हो गए थे। इसकी जानकारी रमेश व उसके फूफा भूरालाल को हो गई थी। इन अवैघ संबंधों के कारण रमेश व भूरालाल ने योजनाबद्ध तरीके से सुभाष की उसके घर के पास ही जमीन पर पटक कर सीने पर बड़ा पत्थर मारकर हत्या कर दी थी। आरोपितों को आशंका थी कि यदि शव दफ नाया तो पुलिस कभी भी शव को पोस्टमार्टम के लिए निकलवा सकती है। इस संभावना को खत्म करने के लिए उन्होंने दाह संस्कार कर दिया।

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