राजस्थान में अंधविश्वास : सांप काटने के बाद दो मासूमों को लेकर भोपे के पास भटकते रहे परिजन, उपचार में देरी से दर्दनाक मौत

Snake Bite News, Banswara Latest News : बांसवाड़ा जिले के चौबीसों का पाड़ला और ओटियापाड गांव की घटना

By: Varun Bhatt

Published: 01 Jul 2019, 02:53 PM IST

बांसवाड़ा. जिले में अंधविश्वास ने दो और मासूमों की जान ले ली। जिले के चौबीसों का पाड़ला और ओटियापाड गांव में रविवार शाम सर्पदंश के शिकार बच्चों को उनके परिजन भोपों के पास ले गए और उनके झाडफ़ूंक कराने में समय बर्बाद करने के बाद हालत और बिगड़ी तो अस्पताल लेकर दौड़े लेकिन तब तक ढाई घंटे की देर हो गई और दोनों बच्चों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

एक दिन पहले हादसे से नहीं लिया सबक
ऐसा ही मामला गनोड़ा क्षेत्र के सवा पाड़ा गांव में शनिवार सुबह देखने को मिला था। जब सांप काटने के बाद परिजन उसे गनोड़ा पीएचसी ले जाने की बजाय भोपे के पास ले गए थे। जहां हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए। लेकिन उसने वहां दम तोड़ दिया।

मां की गोद में तड़तड़प कर तोड़ा दम
भोपे के फेर में चौबीसा का पाडला निवासी 5 वर्षीय हर्षिता पुत्री कैलाश बारिया ने भी दमतोड़ दिया। हर्षिता भी शाम को घर में रसोई के पास खेल रही थी और घर के बाहर खेतों की ओर ओर वो जैसे ही गई सांप ने काट लिया। इसके बाद माता पिता उसे तलवाड़ा सीएचसी ले जाने की बजाय भोपे के पास ले गए। जब झाडफ़ूंक में बच्ची की हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे तलवाड़ा सीएचसी ले गए जहां से उसे एमजी अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। और उपचार के दौरान हर्षिता ने उसकी मां की गोद में दम तोड़ दिया।

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अस्पताल पहुुंचने से पहले बेटे की मौत
ठीकरिया के ओटियापाड निवासी 7 वर्षीय संदीप पुत्र हरीश शाम को तकरीबन 6 बजे के घर पर खेल रहा था। इस दौरान ही उसे सांप ने काट लिया। जिसके बाद परिजन अस्पताल ले जाने की बजाय भापोर भोपे के पास ले गए। और ढाई घंटे बर्बाद कर दिए। झाड़ फूंक के दौरान जब बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो परिजन अस्पताल की ओर दौड़े। लेकिन रास्ते में ही बच्चे ने दमतोड़ दिया था। पहलेे भोपे के पास ले जाने की बात बताने वाले परिजन बाद में भोपे के पास न जाने की बात कहने लगे। लेकिन सांप काटने के बाद ढाई घंटे वो कहां रहे सवाल का जवाब न दे सके।

आधे घंटे में पहुंचना होता है अस्पताल
चिकित्सकों की माने तो सर्पदंश में आधे घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचने पर जान बचाने की संभावनाएं प्रबल हो जाती है। चिकित्सकों का कहना है कि लोग घबरा जाते हैं और भोपों वगैरह के चक्कर में पड़ जान से हाथ धो लेते हैं। चिकित्सकों की माने तो सांप काटने के बाद व्यक्ति को एकदम शांत रहना चाहिए। दौड़ भाग, उछलना कूदना बिल्कुल नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से रक्तसंचार तेज हो जाता है और रक्त में घुला जहर हृदय में तेजी से जाता है। और मौत की संभावान बढ़ जाती है या इससे जल्दी मौत हो सकती है। इस कारण पीडि़त व्यक्ति को एकदम शांत होकर लेट जाना चाहिए ताकि रक्त संचार धीमा हो।

यह करना आवश्यक
सांप काटने के स्थान पर कभी कट न लगाएं
सांप काटने के स्थान के आसपास कभी कपड़ा या पट्टी न बांधे
कभी भी जहर को मुंह से चूस कर निकालने का प्रयास न करें
किसी भोपे के चक्कर में न पडे
सांप काटने वाले व्यक्ति को दौड़ भाग न कर शांत रहना चाहिए
आधे घंटे में अस्पताल पहुंचने का प्रयास करें
(जैसा कि डॉ. प्रवीण गुप्ता ने बताया)

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