बांसवाड़ा : भाजपा पार्षदों ने कहा- सभापति को हटाओं नहीं तो अगले चुनाव में जीतना नामुमकिन

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By: Ashish vajpayee

Published: 24 Jul 2018, 12:43 PM IST

बांसवाड़ा. नगर परिषद में सभापति और उपसभापति व पार्षदों के बीच खाई और गहरी होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने सोमवार को सभापति मंजूबाला पुरोहित की कार्यशैली से खफा होकर उन्हें हटाने के लिए बिगुल बजाया। उपसभापति महावीर बोहरा के नेतृत्व में पार्षदों ने कहा कि कई बार आग्रह के बावजूद न संगठन सुन रहा है और न ही राज्यमंत्री कोई कदम उठा रहे है। नगर परिषद कार्यालय में उप सभापति के कक्ष में दोपहर करीब 12 बजे से भारतीय जनता पार्टी के पार्षद एकत्र होना शुरू हुए। इसके बाद सभी पार्षदों ने बैठक कर सभापति की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।

उप सभापति सहित सभी पार्षदों का यह कहना था कि हमने हमारी समस्या जिला स्तर पर जिलाध्यक्ष और राज्यमंत्री धनसिंह रावत से लेकर प्रदेश आलाकमान तक पहुंचाई है। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे पार्षदों में रोष व्याप्त है। उप सभापति बोहरा ने कहा कि सभापति को हटाने के लिए संगठन पदाधिकारियों को उन्होंने 12 जुलाई को मांग की थी, लेकिन यह कहा गया था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के जयपुर प्रवास के कारण एक सप्ताह तक कोई भी किसी भी विषय पर चर्चा नहीं की जाएगी। उक्त अवधि बीतने के बाद भी संगठन की ओर से कोई निर्णय नहीं किया गया है। इस स्थिति को देखते हुए पार्षदों ने एकत्र होकर सभापति को हटाने की मांग को लेकर जिलाध्यक्ष के नाम पत्र दिया है। उन्होंने बताया कि पत्र पर सभी पार्षदों के हस्ताक्षर हैं।

खुद को ठगा महसूस कर रहे
भाजपा जिलाध्यक्ष के नाम पत्र में लिखा है कि 2014 में सभी पार्षदों ने संगठन के निर्देशानुसार मंजूबाला पुरोहित को सभापति निर्वाचित किया था, लेकिन हम पार्षद खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। इसका कारण सभापति की कार्यशैली है। इसके बारे में समय-समय पर जिला व प्रदेश संगठन को अवगत करा रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासन ही दिया जा रहा है और सभापति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पत्र में यह लिखा है कि हालात शहर के यह हो गए हैं कि कोई भी पार्षद अपने वार्ड में घूमने की स्थिति में नहीं है। बीते साढ़े तीन साल के कार्यकाल में किसी भी वार्ड में अनुकूल कार्य नहीं करवाया है। स्वच्छ भारत मिशन में प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के सपने को बांसवाड़ा नगर परिषद में टूटते हुए देखा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में बांसवाड़ा नगर 20 गंदे शहरों में गिना गया। लोगों के सामान्य कार्य भी नगर परिषद में नहीं हो रहे हैं।

दो दिन से संपर्क
सूत्र बताते हैं कि सोमवार को जिलाध्यक्ष को पत्र देने को लेकर दो दिन से पार्षदों को मोबाइल पर सूचना दी जा रही थी। इसमें राज्यमंत्री और जिलाध्यक्ष की ओर से सात दिन में कार्रवाई करने संबंधी आश्वासन के बावजूद कोई कदम नहीं उठाने की बात कहकर सोमवार को एकत्र होने को कहा गया। बैठक व जिलाध्यक्ष के नाम पत्र जारी करने के बाद सभी पार्षद सभापति के निवास पर पहुंचे और उनके पिता के निधन पर संवेदना भी जताई।

... तो जीत संभव नहीं
पत्र में लिखा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत का परचम फहराना सभापति के रहते संभव नहीं है। पानी अब सिर के ऊपर चला गया है। ऐसे में पार्षदों की भावना को ध्यान में रखते हुए सभापति को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। पत्र पर उपसभापति बोहरा, पार्षद अमरसिंह राठौड़, चंकी शाह, फजीला कोटावाला, सुधा मोरिया, महेंद्र कुमार सेठिया, वैशाली शर्मा, लाभचंद पटेल, कुसुम देवारा, दुर्गा यादव, नीरज मेहता, निलेश्वरी पंचाल, गायत्री शर्मा, सचिन सोनी, नारायण गणावा, राघव वैष्णव, धर्मेंद्र चौबीसा, राजेश्वरसिंह चौहान, अमित जोशी, सोनिया वाधवानी, नाजआरा खान पठान आदि के हस्ताक्षर हैं।

... तो दिल्ली चले जाएं
उपसभापति और पार्षदों की ओर से पत्र देने और उनकी बात को जिले में संगठन स्तर पर नहीं सुने जाने के आरोप के संबंध में जिलाध्यक्ष मनोहर त्रिवेदी ने कहा कि मेरे पास कोई पत्र या ज्ञापन नहीं पहुंचा है। न ही मेरी बात हुई है। यदि उनका यह कहना है कि जिला और प्रदेश स्तर पर भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है तो वे दिल्ली चले जाएं। मैं मुख्यमंत्री की चारभुजा से आरंभ होने वाली सुराज यात्रा को लेकर जिला कार्य समिति की तैयारी में लगा हूं।

मुझे जानकारी नहीं
उपसभापति और पार्षदों ने कोई बैठक की है, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। वे भी मेरे पिता के निधन पर संवेदना व्यक्त करने जरूर आए थे।
- मंजूबाला पुरोहित, सभापति

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