बांसवाड़ा : चलती बाइक से अचानक गिर पड़ी पति के साथ जा रही महिला, बीच रास्ते तड़पती रही, अस्पताल पहुंचते ही मौत

बांसवाड़ा : चलती बाइक से अचानक गिर पड़ी पति के साथ जा रही महिला, बीच रास्ते तड़पती रही, अस्पताल पहुंचते ही मौत

Ashish vajpayee | Publish: Sep, 05 2018 02:31:16 PM (IST) Banswara, Rajasthan, India

बांसवाड़ा. कुशलगढ़. टीमेड़ा मार्ग पर तेजपुर गांव के समीप मंगलवार को चलती मोटरसाइकिल से गिरने से एक महिला की मौत हो गई। हादसे में बाइक पर बैठी मृतका की बहन घायल हो गई। लुनावाडा निवासी भारू डामोर, पत्नी मंजुला व बहन निर्मला को लेकर बाइक पर झीकली से गांव जा रहा था। तेजपुर गांव के पास मंजुला व निर्मला चलती बाइक से नीचे गिर गई। इधर भारू को दोनों के गिरने का पता तक नहीं चला और वह काफी आगे निकल गया। आगे ग्रामीणों द्वारा जानकारी देने पर भारू ने पीछे मुडकऱ देखा तो उसके होश उड़ गए। वह तुरंत घटना स्थल पर लौटा। इधर सूचना 108 एम्बुलेंस ने दोनों घायलों को कुशलगढ़ अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने मंजुला को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है।

फंदे से लटकी मिली छात्रा
बांसवाड़ा. शहर के रातीतलाई इलाके में मंगलवार सुबह एक कॉलेज छात्रा ने अपने ही घर में चुन्नी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक बसंवाड़ा परिषद सभापति मंजूबाला पुरोहित के देवर की बेटी है। इससे इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा लग गया। शहर की रातीतलाई गली नंबर पांच की निवासी 18 वर्षीय फाल्गुनी पुत्री सुनील पुरोहित मंगलवार सुबह घर पर अकेली थी। उसकी मां चमत्कारेश्वर मंदिर भगवान की पूजा अर्चना के लिए गई हुई थी। पिता सुनील पुरोहित नगर परिषद में नौकरी पर गए हुए थे।

उसका भाई स्कूल गया हुआ था। मंदिर में भगवान की पूजा-अर्चना के बाद फाल्गुनी की मां जब घर लौटी तो उसके होश उड़ गए। फाल्गुनी कमरे में अपनी चुन्नी के फंदे से पंखे पर लटकी हुई थी। इस पर जब उसकी मां चिल्लाई तो मौके पर कॉलोनी के लोग एकत्रित हो गए। साथ ही नगर परिषद से उसके पिता सुनील पुरोहित घर पहुंचे। साथ ही सभापति घर पहुंची। इसके बाद जैसे-तैसे फाल्गुनी को फंदे से नीचे उतारा गया और महात्मा गांधी चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन बगैर पोस्टमार्टम के ही शव को अपने घर ले गए।

परीक्षा में कम अंक आने से थी परेशान
खुदकुशी का प्रथम दृष्टया कारण परीक्षा में कम अंक आना बताया गया है। फाल्गुनी एक निजी कॉलेज में कॉमर्स की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। प्रथम वर्ष की परीक्षा में कम अंक आए थे। रिचैकिंग में भी उसके नंबर बढ़ नहीं थे। इस कारण वह परेशान थी। सभापति मंजूबाला पुरोहित ने बताया कि सोमवार की रात ग्यारह बजे तक फाल्गुनी घर पर ही थी। अच्छी तरह से बातें भी कर रही थी। इसके अलावा साड़ी की तारीफ भी कर रही थी और हंसकर बातें कर रही थी। फाल्गुनी ऐसा कर लेगी किसी ने सोचा भी नहीं था।

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