बांसवाड़ा में कुत्ते ने चंद मिनटों में चार लोगों को किया घायल, 27 महीनों में 6 हजार से ज्यादा लोग बने कुत्तों का शिकार

बांसवाड़ा में कुत्ते ने चंद मिनटों में चार लोगों को किया घायल, 27 महीनों में 6 हजार से ज्यादा लोग बने कुत्तों का शिकार

deendayal sharma | Publish: Apr, 23 2019 04:01:41 PM (IST) Banswara, Banswara, Rajasthan, India

बांसवाड़ा. शहर के रातीतलाई इलाके में सोमवार सुबह एक कुत्ते ने चंद मिनट के भीतर चार लोगों को शिकार बनाया। कुछ ही मिनटों के दरम्यिान कुत्ते के एक बाद एक ताबड़तोड़ हमले से क्षेत्र में लोगों में दहशत फैल गई। हमले में घायल हुए लोग सीधा महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे और उपचार कराया। जानकारी के अनुसार कुत्ते ने राततलाई निवासी 49 वर्षीय कामिनी पत्नी संदेश मेहता, सरोज, सविता और एक श्रमिक तोलसिंह को शिकार बनाया।

दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल
कुत्ते के हमले में कामिनी और सरोज गंभीर रूप से घायल हुई। अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरोज को हाथ और पैर पर कुत्ते नेे गंभीर रूप से काटा। वहीं, कामिनी के बाएं पैर को बुरी तरह जख्मी किया। कुत्ते के हमले में घायल हुए श्रमिक तोल ङ्क्षसह ने बताया कि वो गली नंबर तीन में एक मकान में कार्य कर रहा था। सुबह 11 बजे घर के अंदर एक कुत्ता घुसा और उसके पैर पर काट लिया।

मंदिर से निकलते ही किया हमला
कुत्ते के हमले में घायल हुई कामिनी ने बताया कि वो शिव मंदिर में दर्शन करने गई थीं। जैसे ही मंदिर से बाहर उन्होंने पैर रखा वैसे ही कुत्ते से उनके पैर में काट लिया। जब वो कुछ समझ पाती तब तक कुत्ते नेे काफी घाव कर दिया था। रातीतलाई में हुई घटना के बाद सोशल मीडिया पर सचेत रहने की सलाह का मैसज तेजी से वायरल हुआ।

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27 महीनों में 6 हजार से ज्यादा लोग बने कुत्तों का शिकार
जिले में कुत्ते आतंक का पर्याय बन गए हैं। महज 27 महीनों में कुत्तों ने 6 हजार से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाकर उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया। यह चौंकाने वाला आंकड़ा पत्रिका टीम की पड़ताल में सामने आया है। चिंताजनक यह है दिन ब दिन कुत्तों के हमलों की संख्या बढऩे के बाद भी नगर परिषद या ग्राम पंचायतों की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। बल्कि संसाधनों और कार्मिकों की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ा जाता रहा है। कुछ वर्ष पूर्व शहर के आजाद चौक इलाके में दर्जनों लोगों को शिकार बनाने का मामला हो या कुशलगढ़ क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारी को काटने का मामला। बड़े मामलों में निकाय एक्शन लेकर कुत्ते का इंतजाम कर देते हैं पर उसके बाद फिर हाल वही ढाक के तीन पात।

पुरुषों पर हमले ज्यादा
बीते तीन सालों में कुत्तों के सबसे ज्यादा शिकार पुरुष हुए हंैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 में 1355 पुरुषों को शिकार बनाया। वहीं, वर्ष 2018 में 1983 और वर्ष 2019 में मार्च तक 746 पुरुष कुत्तों के हमले के शिकार हुए।

साल-दर-साल बढ़ रहे शिकार
कुत्तों के हमले के मामले साल दर साल बढ़ रहे हैं। आंकड़ों की माने तो वर्ष 2017 में 2252 लोग व वर्ष 2018 में 2846 लोग कुत्ते के हमले के शिकार हुए। वर्ष 2019 में तो हालात और भी चिंताजनक नजर आ आएं। शुरुआत के महज तीन माह में ही कुत्तों ने 1269 लोगों को शिकार बना लिया।

हकीकत में कहीं ज्यादा
यह आंकड़े सिर्फ एमजी चिकित्सालय में उपचार कराने वाले मरीजों के हैं। जिले के अन्य सरकारी चिकित्सा संस्थानों और निजी अस्पतालों में भी कई मरीज उपचार के लिए जाते हैं। इसके अलावा सरहदी इलाकों से अधिकांश मरीज उपचार केलिए सीधे गुजरात और मध्य प्रदेश के चिकित्सालयों में जाते हैं। ये सभी घायल मिलाकर संख्या कहीं ज्यादा है।

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