बांसवाड़ा में भी निकम्मेपन की हद, शराब तस्करी मामले में साक्ष्य सामने फिर दोषी के गिरेबां पर हाथ डालने से परहेज!

बांसवाड़ा में भी निकम्मेपन की हद, शराब तस्करी मामले में साक्ष्य सामने फिर दोषी के गिरेबां पर हाथ डालने से परहेज!

deendayal sharma | Publish: May, 18 2019 10:17:27 AM (IST) Banswara, Banswara, Rajasthan, India

सरकारी महकमों का रवैया ढुलमुल और गैर जिम्मेदाराना हो तो शराब की तस्करी पर फिर कैसे रोक लगे। जी हां, ऐसा ही है गढ़ी पुलिस की ओर से गत 3 अप्रेल को पकड़े दस लाख रुपए कीमत की अवैध शराब से लदे ट्रक के मामले में, जिसमें 44 दिन बाद भी दोषी के गिरेबां तक हाथ नहीं पहुंच पाए हैं।

बांसवाड़ा. सरकारी महकमों का रवैया ढुलमुल और गैर जिम्मेदाराना हो तो शराब की तस्करी पर फिर कैसे रोक लगे। जी हां, ऐसा ही है गढ़ी पुलिस की ओर से गत 3 अप्रेल को पकड़े दस लाख रुपए कीमत की अवैध शराब से लदे ट्रक के मामले में, जिसमें 44 दिन बाद भी दोषी के गिरेबां तक हाथ नहीं पहुंच पाए हैं। सब कुछ आंखों के सामने होने के बाद भी पुलिस और आबकारी विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, जिससे मिलीभगत की बू आ रही है।
गढ़ी में शराब जब्ती के इस चर्चित मामले में सभी जानकारियां जिला मुख्यालय पर मौजूद हैं, लेकिन अनुसंधान के नाम पर पुलिस ने पूरा मामला दबाया हुआ है। अधिकारियों को गुमराह करने के लिए टीम को दाहोद भेजना भी बताया, जबकि इस ट्रक से संबंधित सभी जानकारियां एवं इसको भेजने वाले एवं मंगवाने वालों की पड़ताल यही जिला मुख्यालय पर संभव थी।
ये सवाल जो मांग रहे जवाब
इस मामले में अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जब पूरा मामला स्पष्ट हो चुका था तो पुलिस ने किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी अब तक क्योंं नहीं की ? जब ट्रक एवं इसके मालिक एवं अन्य जानकारियां यहां मुख्यालय आबकारी विभाग से मिल सकती थी तो गढ़ी पुलिस ने अपने पुलिस कार्मिकों को दाहोद क्यों भेजना बताया ? मामले में आखिर पुलिस किसको बचाने में लगी हुई है ? जब शराब राजस्थान की थी तो पुलिस बैच नंबर के आधार शराब की जानकारियां हासिल कर सकती है लेकिन थाना पुलिस ने इस ओर कदम क्यूं नहीं उठाए ?
प्रकरण में अब तक यह तथ्य स्पष्ट
ट्रक आबकारी विभाग के आरएसबीसीएल गोदाम से शराब लाने के कार्य से जुड़ा था। इसके चलते ट्रक एवं इसके मालिक तथा अन्य जानकारियां वहां से जुटाई जा सकती हैं। ट्रक में शराब किसी भरी हुई थी यह जानकारी भी आसानी से प्राप्त हो सकती है। बैच नंबर से शराब की जानकारी भी हासिल की जा सकती है।
यह था मामला
तीन अप्रेल को डडूका झड़स मार्ग पर एक देसी शराब गंगानगर शुगर मिल्स की गाड़ी लावारिस अवस्था में खड़ी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को जब्त किया, जिसमें दस लाख की 906 देसी शराब भरी थी।
बरामदगी के ये भी मामले, जिनमे फौरी कार्रवाई
-1 जुलाई 2018 को सदर थाना पुलिस ने 30 लाख की शराब पकड़ी ट्रक में 600 पेटी शराब भरी हुई थी।
-12 जनवरी 18 को आनंदपुरी पुलिस ने 848 पेटी शराब 50 लाख की शराब पकड़ी जो खेत में पड़ी थी।
-दो मार्च 2018 को सल्लोपाट में 108 पेटी मध्य प्रदेश की बरामद हुई थी।
-23 नवंबर 2016 को आंबापुरा पुलिस ने 968 पेटी से भरा ट्रक जब्त किया।
-दो अक्टूबर 2016 को सल्लोपाट पुलिस ने दस लाख की शराब पकड़ी।

-22 अगस्त 2016 को आंबापुरा पुलिस ने 25 लाख की शराब पकड़ी।
-1 जून 2016 को कलिंजरा पुलिस ने 640 पेटी करीब 29 लाख की शराब पकड़ी।
-13 अप्रेल 2016 को सल्लोपाट पुलिस ने 540 पेटी करीब 30 लाख की शराब पकड़ी।

पता लगाएंगे क्यों नहीं हो पाई गिरफ्तारी

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम का कहना है कि इस प्रकरण की पत्रावलियों को गढ़ी थाने से मुख्यालय मंगवाकर जांच कर लेते हैं कि पुलिस का अनुसंधान कहां तक पहुंचा हैं और क्यों गिरफ्तारी नहीं हो पाई।

 

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