बड़ी खबर...देखिए..वीडियो...बांसवाड़ा : पूर्व मंत्री जोशी ने किया आत्मसमर्पण , कोर्ट ने जमानत पर छोड़ा

By: deendayal sharma

Published: 29 Mar 2019, 09:56 PM IST

Banswara, Banswara, Rajasthan, India

बांसवाड़ा. शहर में कुशलबाग मैदान के सामने राजराजेश्वर शिवालय परिसर को लेकर करीब नौ साल पुराना विवाद फिर गरमा गया। निजी स्वामित्व की सम्पत्ति बताकर इस परिसर में आपराधिक आशय से घुसने और गंदगी फैलाने के आरोप में कोर्ट में विचाराधीन एक केस में गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर शुक्रवार को भवानी जोशी ने एसीजेएम न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। न्यायालय ने जोशी को करीब ढाई-तीन घंटे तक न्यायिक अभिरक्षा में रखा। इसके बाद दोपहर ढाई बजे उनके अधिवक्ता दिनेश पुरी ने जमानत का प्रार्थना पत्र किया गया। इस पर न्यायालय ने सुनवाई कर जोशी को जमानत पर रिहा किया। गौरतलब है कि जोशी पूर्व राज्यमंत्री और वर्तमान में भाजपा के प्रदेश मंत्री हैं। प्रकरण में परिवादी गोपीराम अग्रवाल का आरोप है कि 1 दिसंबर 2009 को उसके स्वामित्व की संपत्ति पर आरोपी भवानी जोशी, ममता, कमला सहित अन्य कई लोग सुबह के समय आपराधिक आशय से घुसे और वहां गंदगी फैलाई। प्रकरण की पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने आईपीसी की धारा 447 के तहत प्रसंज्ञान लेकर आरोपियों को तलब किया था। प्रकरण में गत 8 मार्च को सुनवाई के दौरान आरोपी विजय, जगदीश, चन्द्रिका, कमला, अनिल, राहुल, राजू उर्फ राजेन्द्र, भवानी, ओम महावत, रंगजी दीपक व अमरसिंह अपने अधिवक्ता के साथ उपस्थित हुए। इस दौरान विजय, जगदीश, चन्द्रिका, कमला, अनिल, राहुल, राजू की ओर से हाजिरी माफी की पेश की गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया। इनके अलावा ओम महावत के विरूद्ध गिरफ्तारी वारंट अदम तामिल लौटा, जबकि उसे कई बार गिरफ्तारी वारंट से तलब किया गया था। इस पर ओम महावत को फरार घोषित किया गया। इसके अलावा रामनिवास ने आत्मसमर्पण किया, जिसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश हुए। उसके बाद उसे जमानत पर छोड़ा गया। इनके अलावा कोर्ट ने भवानी जोशी को गिरफ्तारी वारंट के जरिए और आरोपी रंगजी, दीपक व अमर सिंह को पूर्व के आदेश से तलब किया गया था, जिनको छह मई 2019 को पेश होना था। इस पर जोशी सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे कोर्ट में हाजिर हुए। यहां बाद में उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर कोर्ट ने दस हजार रुपए के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।

जोशी का दावा : परिसर निजी नहीं, देवस्थान विभाग का

इधर, कोर्ट से बाहर निकलने के भवानी जोशी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि परिवादी यह कहता रहा है कि उसके परिसर में घुसकर यह काम किया है। हम पूछना चाहते हैं कि जिस परिसर की बात कर रहे, उसके कागजात हो तोकिसी के सामने रखें। अगर वे नहीं रख सकते तो हम रख सकते हैं, क्योंकि वह भूमि देवस्थान विभाग की है। ऐसे में उसका परिसर कहां सिद्ध हुआ। यह केवल परेशान करने का षड्यंत्र हैं। मेरे पास जमीन के कागज हैं और उनमें लिखा हुआ है कि उक्त जमीन देवस्थान विभाग की है।

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