scriptHands extended for charity, the script of humanity written with tradit | Makar Sankranti 2022 : दान के लिए बढ़ाया हाथ, परंपरा संग लिखी मानवता की इबारत | Patrika News

Makar Sankranti 2022 : दान के लिए बढ़ाया हाथ, परंपरा संग लिखी मानवता की इबारत

नारी शक्ति : बांसवाड़ा शहर की चार महिलाएं आईं आगे, जान बचाने के लिए किया रक्तदान

बांसवाड़ा

Published: January 15, 2022 02:19:29 am

बांसवाड़ा. मकर संक्रांति (Makar Sankranti ) पर लोग जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र आदि वस्तुएं दान कर पुण्य प्राप्त करते हैं। इसी क्रम में शहर की चार महिलाओं ने रक्तदान (Blood Donation) कर मानवता की इबारत लिख नजीर भी पेश की। दरअसल, शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाली इन महिलाओं ने शुक्रवार को स्वेच्छा से महात्मा गांधी चिकित्सालय पहुंच मकर संक्रांति (Makar Sankranti ) के मौके पर रक्तदान किया।
Makar Sankranti 2022 : दान के लिए बढ़ाया हाथ, परंपरा संग लिखी मानवता की इबारत
Makar Sankranti 2022 : दान के लिए बढ़ाया हाथ, परंपरा संग लिखी मानवता की इबारत
इनमें शामिल अंकिता भावसार, मीता शाह, सुमित्रा पंचाल और हेमा त्रिवेदी ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान अवश्य करना चाहिए। ताकि किसी की जिंदगी बचाई जा सके। रक्तदान (Blood Donation) के लिए मकर संक्रांति का मौका इसलिए चुना ताकि यह अवसर दान पुण्य का है। ऐसे में अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान (Blood Donation) के लिए प्रेरित कर सकें। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में महिलाएं भी रक्तदान को लेकर लगातार आगे आ रही है।
महिलाओं का रक्तदान करना अधिक प्रेरणादायी

रेडड्रॉप संस्था के राहुल सराफ बताते हैं कि महिलाओं का रक्तदान (Blood Donation) करना सही मायनों में कठिन होता है क्योंकि अमूमन महिलाओं में हीमोग्लोबीन की कमी देखी गई है। ऐसे में इन महिलाओं को आगे आकर रक्तदान करना प्रशंसनीय है। रक्तदान के दौरान पारितोषित भावसार, संकेत भावसार, प्रियेश शाह, भारत त्रिवेदी, नीलेश सेठ और ब्लड बैंक से नरेंद्र बधेल, स्वेता पाल आदि उपस्थित रहे।
रक्तदान के ये हैं फायदे

हृदय रहता है स्वस्थ, घटता है कैंसर का खतरा
रक्तदान (Blood Donation) से कोलेस्ट्राल कंट्रोल होता है। शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है। आयरन की अधिकता न होने से शरीर कुछ खास तरह के कैंसर के जोखिम से बच सकता है। दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरे में भी कमी आती है।
वजन बढऩे से रोकता है

रक्तदान करने से वजन कैलोरी का हास होता है इससे वजन कम होता है। लाल रक्त कोशिकाओं का स्तर कुछ महीने में बराबर हो जाता है। साथ में कसरत करते हैं और स्वास्थ्यवर्धक भोजन करते हैं तो वजन नहीं बढ़ता।
जल्द बनता है हीमोग्लोबीन
रक्तदान करने के बाद शरीर हीमोग्लोबीन की कमी को पूरा करने में जुट जाता है। जिससे शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं ज्यादा संख्या में बनती हैं, और सेहत में सुधार आता है।
(डॉ खुशपाल सिंह राठौड़, मेडिकल ज्यूरिष्ट, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी(फोर्सनसिक मेडिसीन) एमजी अस्पताल, बांसवाड़ा )

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Corona Update in Delhi: दिल्ली में संक्रमण दर 30% के पार, बीते 24 घंटे में आए कोरोना के 24,383 नए मामलेSSB कैंप में दर्दनाक हादसा, 3 जवानों की करंट लगने से मौत, 8 अन्य झुलसे3 कारण आखिर क्यों साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2-1 से सीरीज हारा भारतUttar Pradesh Assembly Election 2022 : स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायक सपा में शामिल, अखिलेश बोले-बहुमत से बनाएंगे सरकारParliament Budget session: 31 जनवरी से होगा संसद के बजट सत्र का आगाज, दो चरणों में 8 अप्रैल तक चलेगाHowrah Superfast- हावड़ा सुपरफास्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को परिवर्तित मार्ग से करना पड़ेगा सफर, इन स्टेशनों पर नहीं जाएगी ट्रेनपूर्व केंद्रीय मंत्री की भाजपा में वापसी की चर्चाएं, सोशल मीडिया पर फोटो से गरमाई सियासतTrain Reservation- अब रेल यात्रियों के पांच वर्ष से छोटे बच्चों के लिए भी होगी सीट रिजर्व, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.