बांसवाड़ा : अस्पतालों में बेवजह की जांचों से फूले निदेशालय के हाथ-पैर, चिकित्सकों को अनावश्यक जांच न करने के निर्देश

Ashish vajpayee

Publish: Jul, 13 2018 03:03:23 PM (IST)

Banswara, Rajasthan, India
बांसवाड़ा : अस्पतालों में बेवजह की जांचों से फूले निदेशालय के हाथ-पैर, चिकित्सकों को अनावश्यक जांच न करने के निर्देश

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने जांच की संख्या कम करने के दिए निर्देश

बांसवाड़ा. महात्मा गांधी अस्पताल में मरीजों की खून की जांच, डिजिटल एक्सरे और सोनोग्राफी की संख्या को देख चिकित्सा निदेशालय के हाथ-पैर फूल गए हैं। अन्य कई जिलों की अपेक्षा कम बहिरंग (ओपीडी) होने के बावजूद अधिक संख्या में मरीजों की जांच कराने के मामले में सख्ती बरतने की हिदायत दी है। जिसके बाद महात्मा गांधी अस्पताल प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने चिकित्सा अधिकारियों को पत्र लिख जांच को विवेकानुसार करने के लिए पाबंद किया है।

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी निर्देश में उल्लेख है कि बहिरंग में चिकित्सा अधिकारियों के द्वारा आवश्यकता से अधिक संख्या में मरीजों को जांच लिखी जा रही है। जिससे राज्य सरकार और विभाग पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए ही चिकित्सकों को पाबंद किया है।

पड़ताल में मामला आया सामने
चिकित्सकों को लिखे गए पत्र में पीएमओ ने उल्लेख किया है कि निदेशालय के विश्लेषण में पाया कि एमजी अस्पताल बांसवाड़ा में 36 प्रकार की लैब जांच, डिजीटल एक्स-रे व सिटी स्केन की जांचें अत्यधिक संख्या में की जा रही हैं। जो अन्य चिकित्सालयों की बहिरंग मरीजों की संख्या को देखते हुए अधिक है।

चिकित्सक लिखते हैं अनावश्यक जांचे
पीएमओ ने पत्र में स्पष्ट किया कि महात्मा गांधी अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक अनावश्यक या मरीजों के कहने पर जांच करवाते हैं। जिससे आर्थिक भार बढ़ जाता है। अत्यधिक जांच के इस मामले को अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के द्वारा गंभीरता ने लिया है।

सिटी स्केन के लिए भी नकेल
पीएमओ ने सीटी स्कैन भी अधिक संख्या में कराई जाने की बात कही। उनका कहना है कि बीएसबीवाई योजना के तहत बहिरंग मरीजों का अधिक संख्या में सिटी स्कैन कराया जा रहा है। साथ ही निर्देशित किया है कि यदि मरीज गंभीर हो तो उसे भर्ती कर उपचार करें। ताकि चिकित्सालय को भामाशाह योजना के तहत लाभ मिले और एमआरएस पर वित्तीय भार नहीं पड़े।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned