देखिए...बांसवाड़ा के पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में कवि सम्मेलन के दौरान यों उमड़ा गुरु भक्ति का ज्वार

श्री आदिनाथ पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अन्तर्गत शनिवार रात राजकीय नूतन उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में निर्मित पांडाल में कवि सम्मेलन में जानेमाने रचनाकारों की पंक्तियां सुनकर गुरुभक्ति का ऐसा ज्वार कि लोग उसमें बहते चले गए।

By: deendayal sharma

Published: 08 Dec 2019, 06:45 PM IST

Banswara, Banswara, Rajasthan, India

बांसवाड़ा. श्री आदिनाथ पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अन्तर्गत शनिवार रात राजकीय नूतन उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में निर्मित पांडाल में कवि सम्मेलन में जानेमाने रचनाकारों की पंक्तियां सुनकर गुरुभक्ति का ऐसा ज्वार कि लोग उसमें बहते चले गए। आरंभ में बृजमोहन तूफान ने कवियों का परिचय कराया। इसके बाद हास्य व्यंग्य के कवि शंभु शिखर ने अपने चीर-परिचित अंदाज में गुदगुदाने के बाद गुरु महिमा में गीत सुनाकर तालियों के साथ श्रद्धालुओं को गाने को मजबूर कर दिया। इसके उपरांत अनामिका अंबर ने जो बोलो जैन धर्म की जय... रचना से किया तो जयकारे से पांडाल गूंज उठा। अनामिका ने मेरा ईश्वर तेरा अल्लाह, मालिक एक सबका, मेहरबानी हो उसकी तो मुकद्दर जाग उठता है... रचना से प्रभावित किया। डा. कमलेश बसंत के संचालन में अनामिका अंबर ने जहां पर देव दर्शन हो वहीं भगवान होता है जहां मुनियों की वाणी हो वही उत्थान होता है... , हमको भोलीभाली सी सूरत में भगवान मिला है... , ओर दिले अंदाज को अपना, चली आऊंगी सब छोडकऱ आवाज दे देना... पर खूब तालियां बजीं।यहां मध्यरात्रि बाद पहुंचे डॉ. कुमार विश्वास ने अपनी रचनाओं ने सम्मेलन के उत्साह को शिखर पर पहुंचा दिया। कुमार विश्वास के मंच पर आते ही श्रोताओं ने जोरदार हूटिंग कर उनकी स्वागत किया। कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी, उन्नाव व हैदराबाद कांड, पाकिस्तान, राजनीति आदि पर छोटी-छोटी टिप्पणियां कर श्रोताओं को जोड़ा और फिर एक के बाद एक कई रचनाएं सुनाई। मैं अपने गीत गजलों से उसे पैगाम करता हूं, उसी की दी हुई दौलत उसी के नाम करता हूं..., हवा का काम है चलना, दीये का काम है जलना, वो अपना काम करती है, मैं अपना काम करता हूं.... कविता पर तालियों का शोर उठा। इससे पहले अलवर से आए ओज के कवि विनीत चौहान ने कश्मीर को पत्थरबाजी का बजार बना डाला, सबकी ऐसी तैसी कर दी अपने मोटा भाई ने... अब कान के सुन ले अब, जो आंख उठेगी भारत पर उसका नाम निशान नहीं होगा..., सिंधु तट के आरपार ये कश्मीर हो जाएगा... और सेना के समर्थन में की टिप्पणी पर खूब तालियां बजवाई।

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