बांसवाड़ा : नहाते हुए डूब रही मासूम बेटी को बचाने नदी में कूद गई मां और मौसी, तीनों की दर्दनाक मौत

Ashish vajpayee

Publish: Jun, 14 2018 11:52:30 AM (IST)

Banswara, Rajasthan, India
बांसवाड़ा : नहाते हुए डूब रही मासूम बेटी को बचाने नदी में कूद गई मां और मौसी, तीनों की दर्दनाक मौत

घंटों प्रयास के बाद तीनों के शव बरामद, आंबापुरा थाना इलाके का मामला

आबापुरा. बांसवाड़ा. जिले के आबापुरा थाना इलाके में बुधवार को गेमन पुल के पास माही के बेक वाटर में दर्दनाक हादसे में मां-बेटी और मौसी की जान चली गई। नहाने के दौरान 11 साल की बालिका गहरे पानी में फंस गई। उसे बचाने के लिए पहले मां और बाद में मौसी गई, लेकिन तीनों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों भीड़ जुट गई और पुलिस भी हादसा स्थल पहुंची। इसके बाद रैस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। कई घंटों के बाद तीनों के शव बरामद हुए।

पुलिस ने महात्मा गांधी चिकित्सालय में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं। थाना प्रभारी नागेन्द्र सिंह ने बताया कि पाली और जालोर जिले के गडरिया परिवार बैक वाटर क्षेत्र में अपनी भेड़-बकरियों के साथ डेरा डाले हुए हैंं। बुधवार अपरान्ह करीब तीन बजे थुबा-आवार जिला जालोर निवासी जती (30) पत्नी राणाजी देवासी, उसकी सगी ***** पाली जिले के सांडेराव के हिदू्र निवासी लाडू (25) पत्नी मालाराम देवासी, जती की ग्यारह वर्षीय पुत्री मनु नदी में नहाने गए। बैक वाटर में गहरे पानी का ज्ञान नहीं होने की वजह से मनु एक पत्थर पर बैठकर नहा रही थी। तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पत्थर से पानी में सरक गई। यह मंजर देख मनु की मां घबरा गई और वह अपनी बेटी को बचाने के लिए दौड़ी और पानी में कूदी। इस पर वह भी पानी में डूबने लग गई। इसे देखकर जती की ***** लाडू भी उसको बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन वह भी पानी में फंस गई।

इसके कुछ देर बाद जब सीता वहां चाय देने के लिए पहुंची तो वहां उनको तीनों में से कोई भी नहीं मिला। इस पर वह चिल्लाई तो अन्य डेरे लोग वहां दौडकऱ आए और उन्होंने शोर मचाया। इसकी सूचना पर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। साथ ही सूचना आंबापुरा थाना पुलिस को मिली। तब पुलिस के साथ सिख रेजीमेंट की बटालियन के जवान पहुंचे और काफी देर तक उनको ढूंढने का प्रयास किया। नदी में ग्रामीणों की मदद से नावें उतारी गई। साथ ही कुछ प्रशिक्षित लोगों से पानी में गोते भी लगवाए गए। इसके करीब एक घंटे बाद सबसे पहले बच्ची का शव पानी से बरामद हुआ। इसके बाद दोनों महिलाओं के शव बरामद हुए। तीनों के शवों को एमजी चिकित्सालय लाया गया, जहां पीएम के बाद शव सौंपे गए।

सुरक्षा के इंतजाम नहीं
माही के बैक वाटर या जिले के अन्य तालााबों के किनारों किसी भी तरह के सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। इतना ही तालाब या नदी पेटे या माही के बैक वाटर में इस तरह खुले में नहाने वालों को भी कोई रोकने या टोकने वाला नहीं है।

परिजनों का हुआ बुरा हाल
एक ही परिवार के तीनों जनों के पानी में डूबने की वजह से परिवार के सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल हो गया, जिनको परिजन संभालते दिखाई पड़े। इसमें बच्ची का पिता तो बदहवास हो गए, जिन्हें बड़ी मुश्किल से संभाला गया।

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