बांसवाड़ा में 39 हजार श्रमिकों का पंजीयन नहीं, अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे मजदूर

बांसवाड़ा में 39 हजार श्रमिकों का पंजीयन नहीं, अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे मजदूर
बांसवाड़ा में 39 हजार श्रमिकों का पंजीयन नहीं, अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे मजदूर

Varun Kumar Bhatt | Updated: 23 Aug 2019, 05:06:31 PM (IST) Banswara, Banswara, Rajasthan, India

registration of workers : 11 आईडी से करवाया जा सकता है पंजीयन

बांसवाड़ा. राज्य सरकार के निर्देश पर जिले में भवन निर्माण, मनरेगा और अन्य कार्यों पर नियोजित श्रमिकों के पंजीयन के निर्देश विकास अधिकारियों को तो सौंप दिए गए, लेकिन ब्लॉक स्तर पर बरती गई लापरवाही का खमियाजा श्रमिक भुगत रहे हैं। वतर्मान में पंजीयन का जिम्मा पुन: श्रम विभाग को सौंपने और एसएसओ आईडी एक ही होने से हजारों श्रमिकों का पंजीयन समय पर नहीं हो पा रहा है। श्रम विभाग की ओर से भवन निर्माण, मनरेगा आदि पर 90 दिन तक नियोजित श्रमिकों का पंजीयन कर श्रमिक कार्ड बनाया जाता है। जिले में श्रम विभाग में कार्मिकों की कमी के कारण पिछली सरकार ने श्रमिकों के पंजीयन का जिम्मा ब्लॉक स्तर पर दिया था, जिसमें एक ब्लॉक में एक एसएसओ आईडी से आवेदन करने वाले श्रमिकों का पंजीयन हो रहा था। इस तरह जिले में 11 आईडी से पंजीयन की सुविधा हो गई। सूत्रों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 की समाप्ति के पहले जनवरी तक जिले में श्रमिक पंजीयन के लिए एक लाख 62 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें करीब 43 हजार 360 श्रमिकों का पंजीयन लंबित था। पंजीयन में तत्समय ढिलाई बरती गई, जबकि प्रत्येक ब्लॉक पर पंजीयन के लिए आईडी उपलब्ध थी।

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साधारण सभा में भी उठा मुद्दा
ब्लॉक स्तर से हजारों श्रमिकों के पंजीयन लंबित होने का मामला विगत दिनों जिला परिषद की बैठक में भी उठा था। बड़ी संख्या में पंजीयन लंबित होने पर बागीदौरा विधायक महेंद्रजीतसिंह मालवीया ने यह भी कहा था कि 90 दिन की उपस्थिति विकास अधिकारी प्रमाणित कराएं ताकि पंजीयन शीघ्र संभव हो सके।

अधिकारी बदले तो काम भी बदला
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से उच्च स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल के बाद अधिकारी बदले तो उन्होंने पुरानी व्यवस्था को बदल दिया। ब्लॉक की बजाय जिला मुख्यालय पर ही श्रम विभाग को श्रमिक पंजीयन करने के निर्देश दे दिए गए। इससे पंजीयन का कार्य और लंबित हो गया है। ब्लॉक स्तर पर 11 आईडी होने पर श्रमिक पंजीयन समय-समय पर हो रहा था, लेकिन जिला स्तर पर श्रम विभागीय कार्यालय में एक ही एसएसओ आईडी से अब पंजीयन हो रहा है। ऐसे में ब्लॉक स्तर से प्राप्त हुए लंबित आवेदनों की पंजीयन की रफ्तार धीमी हो गई है। जिले में करीब 39 हजार आवेदन अब भी लंबित हैं।

इनका कहना है
पुरानी व्यवस्था बंद होने से वर्तमान में ई-मित्र से आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। कई बार कमी होने पर आवेदन लौटाना भी पड़ता है। एसएसओ आईडी भी अब एक ही है। ऐसे में जिस तेजी से पंजीयन होना चाहिए, वह नहीं हो पा रहा है।
कुलदीप सिंह शक्तावत, श्रम निरीक्षक बांसवाड़ा

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