राजस्थान का रण : भाजपा के इस दिग्गज विधायक सहित तीन लोगों को नोटिस, विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका

राजस्थान का रण : भाजपा के इस दिग्गज विधायक सहित तीन लोगों को नोटिस, विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका

Ashish Bajpai | Publish: Sep, 08 2018 11:36:08 AM (IST) Banswara, Rajasthan, India

बांसवाड़ा. जयपुर . राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण ने राजनीतिक द्वेषता से तबादला करने के मामले में बांसवाड़ा के गढ़ी क्षेत्र से विधायक एवं पूर्व मंत्री जीतमल खांट, पंचायत राज विभाग के संयुक्त सचिव व बांसवाड़ा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नोटिस जारी कर 24 सितम्बर तक जवाब तलब किया है। अधिकरण के न्यायिक सदस्य प्रभुलाल आमेटा व सदस्य जस्सा राम चौधरी की बेंच ने हरीशचन्द्र पाटीदार की अपील पर यह आदेश दिया है। अपीलार्थी ने कहा कि 6 अक्टूबर 2016 में उसका पदस्थापन डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा पंचायत समिति में किया गया, लेकिन 10 अक्टूबर 2016 को एक अन्य आदेश से बांसवाड़ा जिले से डूंगरपुर जिले की सांबला पंचायत समिति में तबादला कर दिया। पाटीदार ने इस आदेश के खिलाफ अधिकरण में चुनौती दी जहां उनकी अपील निरस्त कर दी गई अधिकरण के आदेश को तब पाटीदार ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी।

न्यायालय ने दस अक्टूबर के तबादला आदेश पर स्थगन दे दिया। यह मामला लंबित रहते हुए भी 18जुलाई 2018 को स्थानांतरण खेरवाड़ा पंचायत समिति कर दिया। 18 जुुलाई के तबादले आदेश पर स्थगन आदेश देते हुए राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण ने टिप्पणी की है कि प्रकरण में अपीलार्थी का स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकतावश या स्थानांतरण की सामान्य प्रक्रिया के अनुसार नहीं होकर राजनीतिक हस्तक्षेप व कार्मिक के प्रति द्वेषभाव के कारण किया प्रतीत होता है। अपीलार्थी का आरोप है कि उसने राजकीय राशि के दुरुपयोग के एक मामले में जांच की थी, इसी कारण राजनीतिक दुर्भावना से तबादला किया गया। इस बीच पाटीदार के मुताबिक उन्होंने अदालत से स्थगन मिलने के बाद बांसवाड़ा जिला परिषद में पंचायत प्रसार अधिकार के पद पर गुरुवार को कार्यभार संभाल लिया।

कई घूसखोर पकड़वाए
पाटीदार ने 2007 में कुशलगढ़ विकास अधिकारी को दस हजार रुपए देते हुए एसीबी से पकड़वाया। 2008 में पंचायत समिति गढ़ी के कनिष्ठ अभियंता भगवनसिंह को साढ़े सात हजार रुपए देते हुए पकड़वाया। 2012 में कुशलगढ़ में तीन जनों को 35 हजार रुपए देते पकड़वाया तो 2016 में जिला परिषद में चार अधिकारियों-कार्मिकों को जांच दबाने के लिए डेढ़ लाख रुपए लेते हुए रिवर्स में पकड़वाया है। इसके अलावा उन्होंने जिले में कई विकास कार्यो में कइ्र्र अनियमितताओं की शिकायतों की जांच की रिपोर्ट पेश की थी। उन्होंने विधायक खांट के पैतृक गांव में उनके निवास और उसके इर्द गिर्द के इलाके में 67 लाख के सरकारी धन के खर्च की एक शिकायत की भी जांच कर रिपोर्ट दी थी। इस जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई थी।

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