बांसवाड़ा : इतनी गर्मी में आखिर कैसे बुझे प्यास, सैकड़ों मरीजों और लोगों के लिए महज तीन वाटर कूलर

प्रबंधन की अनदेखी मरीजों को दे रही भीषण गर्मी में परेशानी, मेल वार्ड के पास लगा वाटर कूलर 8 दिनों से खराब

By: Ashish vajpayee

Published: 27 Apr 2018, 01:11 PM IST

बांसवाड़ा. ओपीडी मरीज सैकड़ों में। वार्डों में भी मरीजों की अच्छी खासी संख्या। रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना। इसके बाद भी महात्मा गांधी अस्पताल में पानी के माकूल प्रबंध नहीं हैं। एक ओर जहां गर्मी से हाय तौबा मची हुई है। ऐसे पानी कितना भी पीयो कम ही लगता है, लेकिन महात्मा गांधी अस्पताल प्रबंधन शायद गर्मी में पानी की खपत ज्यादा होती है, इससे इत्तेफाक ही नहीं रखता है। कहने को तो अस्पताल में पांच वाटर कूलर लगे हैं, लेकिन इनमें से दो कई दिनों से बंद हैं और तीन के भरोसे सैंकड़ों मरीज और उनके परिजन हैं।

कहीं पर भी प्यूरीफायर नहीं
पहल तो अस्पताल में पीने के पानी के इंतजाम नाकाफी हैं। दीगर यह है कि जो भी इंतजाम पानी उपलब्ध कराने के लिए किए गए हैं उनमें किसी में भी वाटर प्यूरी फायर नहीं लगाया गया है।

ऐसे जाने वाटर कूलर के हाल
चारों तरफ गंदगी से अटे इस वाटर कूलर से पानी पीने की बात तो दूर हाथ धोने का मन नहीं करे। इसके हाल देख ऐसा लगता है लंबे समय से इसे साफ ही नहीं किया गया। जैसा पानी सप्लाई या बोरिंग का आता है वैसा ही मरीजों को पीना पड़ता है, ठंडा भी हो जाए तो गनीमत है।

भार सबसे ज्यादा, निगरानी सबसे कम
देखने में तो इस स्थान पर 7 पानी की टोटियां लगी हैं। लेकिन चलती सिर्फ दो ही हैं। जबकि इस वाटर कूलर पर मेल वार्ड, फिमेल वार्ड, चाइल्ड वार्ड, बर्न वार्ड, आर्थोंवार्ड, ओपीडी, आइसीयू, जांच के लिए आने वाले मरीजों और तीमारदारों की प्यास बुझाने का पूरा दारोमदार इन वाटर कूलर पर है। इसके बाद भी यहां व्यवस्था दोयम दर्जे की है।

मेलवार्ड और एक्स-रे रूम के कूलर बंद
लोगों को सहूलियत देने के उद्देश्य से मेल वार्ड के बाहर और एक्स-रे रूम के पास वाटर कूलर लगाए जरूर गए थे, लेकिन अभी दोनों ही बंद पड़े हैं। जिसमें मेल वार्ड का वाटर कूलर तकरीबन 8 दिनों से और एक्स-रे रूम के पास वाला वाटर कूलर लंबे समय से बंद पड़ा है। गौर करने वाली बात यह है कि लोगों को सहूलियत देने के उद्देश्य से मेल वार्ड के पास चंद माह पूर्व ही नया वाटर कूलर लगवाया गया। लेकिन कुछ दिन चलने के बाद ही यह खराब हो गया। जिस कारण अब मरीजों को नीचे जाकर पीने का पानी भरना पड़ता है।

एमसीएच विंग में भी व्यवस्थाएं अपर्याप्त
एमसीएच विंग के सभी वार्डों और गायनिक ओपीडी और पीएनसी वार्ड के मरीजों की प्यास बुझाने के लिए एक ही वाटर कूलर है। इस एक वाटर कूलर के भरोसे भी कई मरीजों की प्यास बुझती है।

पानी की अहमियत दरकिनार
गर्मी के दिनों में कितना पानी पीना चाहिए, पानी कैसा पियो, दूषित पानी पीने से संक्रमण का खतरा रहता है, तबीयत खराब हो जाती है। बीमारी के समय पानी को उबालकर पीयो। ये सभी बातें आपको चिकित्सक द्वारा सुनने को मिलती है। जब आप बीमार होते हैं तो प्रत्येक चिकित्सक पानी अधिक पीने की सलाह देते हैं, साथी पानी की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान रखने की बात कहते हैं, लेकिन महात्मा गांधी अस्पताल में पानी की उपलब्धता चिकित्सकों की इस सलाह को ठेंगा दिखाती नजर आती है।

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