बांसवाड़ा : आधार के लिए घिस रहे तलवे, फिर भी लौटना पड़ रहा बैरंग, फुटबॉल जैसी हुई आवेदकों की हालत

बांसवाड़ा : आधार के लिए घिस रहे तलवे, फिर भी लौटना पड़ रहा बैरंग, फुटबॉल जैसी हुई आवेदकों की हालत

Ashish Bajpai | Publish: Sep, 09 2018 01:55:23 PM (IST) Banswara, Rajasthan, India

बांसवाड़ा. पहचान का सरकारी दस्तावेज आधार होने को तो करीब चार गुणा छह इंच से ज्यादा का नहीं है, पर इसे प्राप्त करने के लिए जिला बांसवाड़ा में लोगों के तलवे घिस रहे हैं। इधर प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया है कि इस मामले में लोगों की सुध ही नहीं ले रहे। एक दिन पहले शुक्रवार को पत्रिका टीम की ओर से आधार बनवाने में अवैध वसूली व अन्य शिकायतों को लेकर पड़ताल भी की गई, जिसमें आधार आवेदकों को फुटबॉल बनाने जैसी स्थिति सामने आई थी। आधार के लिए लोगों को एक से दूसरे स्थान पर भेजा जा रहा है। वे कार्मिकों की ओर से बताए जाने वाले स्थानों पर भी पहुंच रहे हैं, लेकिन इन सब प्रयासों के बावजूद आधार आवेदकों को बैरंग लौटना पड़ रहा है या फिर वे दलालों के चंगुल में आ रहे हैं।

प्रचार-प्रसार न सही जानकारी
आधार दस्तावेज के मामले में जिला मुख्यालय व ग्रामीण अंचलों में प्रशासनिक तौर पर न तो प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है और न ही कलक्ट्रेट स्थित अटल सेवा केन्द्र पर पहुंचने वाले आधार आवेदकों को सही जानकारी मिल रही। ऐसे में उन्हें भटकना पड़ रहा है।

स्कूली बालकों को भी नहीं राहत
आधार दस्तावेज बनवाने के लिए स्कूली बालकों को भी राहत नहीं मिल रही। उन्हें भी आम आधार आवेदकों की तरह दर-दर भटकना पड़ रहा है। बालकों की मदद के लिए संबंधित स्कूलों को गुरुजनों को भी धक्के खाने पड़ रहे हैं।

यह रहा ताजा मामला
ताजा मामला जिले की तहसील गढ़ी की पंचायत समिति अरथूना स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय चिकनपाड़ा पोस्ट बोरी का है। इस विद्यालय की कक्षा छठी में अध्ययनरत छात्रा भगवती पुत्री प्रभुलाल डिण्डोर का आधार नहीं बन पा रहा है। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने इस मामले में बालिका के प्रयासों का लिखित में उल्लेख करते हुए मार्गदर्शन भी मांगा है। जिसमें बताया गया है कि छात्रा ने आधार दस्तावेज के लिए पांच से छह बार प्रयास किए, लेकिन इसके बावजूद उसका आधार नहीं बन पाया है। इसके अभाव में छात्रा को कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। इसी प्रकार और भी कई ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्हें आधार के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned