बांसवाड़ा : पीएचडी के साथ जुबां पर चढ़ा वागड़ के व्यंजनों का स्वाद, शोधार्थियों में आपसी समन्वय बढ़ाने का प्रयास

गोविंद गुरु कॉलेज में पीएचडी कोर्स वर्क

By: Ashish vajpayee

Published: 14 Jun 2018, 01:47 PM IST

बांसवाड़ा : पीएचडी के साथ जुबां पर चढ़ा वागड़ के व्यंजनों का स्वाद, शोधार्थियों में आपसी समन्वय बढ़ाने का प्रयास
गोविंद गुरु कॉलेज में पीएचडी कोर्स वर्क आयोजित किया
बांसवाड़ा. पढ़ाई की पढ़ाई, स्वाद के चटकारे और परदेस की आबोहवा, रहन-सहन और पहनावे को करीब से देखने समझने का अवसर। किसी युवा को गीष्मावकाश के दौर में ये सब मजे सुलभ हो जाए तो फिर उसे और क्या चाहिए। फिर घर से दूर रहकर परिवार जैसे अपनेपन के तो कहने ही क्या। हींग लागी न फिटकरी और रंग चौखो। घर से निकले तो न जाने कितने कितने तरह के भाव दिमाग में उमड़ रहे थे और न जाने कितने तनाव घेरे हुए थे, लेकिन जब पढ़ाई के साथ अतिथि जैसा सत्कार मिला तो सब छूमंतर हो गए। गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय ने एक और नवाचार से यह संभव हुआ है।

गोविन्द गुरु कॉलेज में आयोजित किए जा रहे पीएचडी कोर्स वर्क में अतिथि देवो भव: के आदर्श के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शोधार्थियों को एक माह की पढ़ाई ऊबाऊ न लगे इसके लिए उन्हें स्थानीय लोगों में मेल मिलाप का नवाचार किया गया। बांसवाड़ा की संस्कृति से परिचय कराने के दृष्टिगत ‘शोधार्थी सत्कार’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्थानीय शोधार्थियों ने अन्य जिलों के शोधार्थियों को एक दिन अपने घर पर भोजन और परिजनों से भी मेल-मुलाकात करवाई। इस दौरान खान-पान से लेकर रीति-रिवाजों से जुड़ी कुई जानकारियां शोधार्थी ने आपस में साझा की। शोध निदेशक डॉ एमपी सिंह ने बताया कि शोधार्थियों इस आयोजन के लिए सूची तैयार कर कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई। इसका बहुत अच्छा फीडबेक आया है।

15 दिवसीय कार्यक्रम
15 दिवसीय कोर्स वर्क के दौरान शोधार्थियों को विभिन्न स्थानों से आए विषय विशेषज्ञ शोध की बारीकियों से अवगत करा रहे हैं। विवि अब सुपरवाइजर्स के लिए भी कार्यशाला आयोजित करने पर विचार कर रहा है।

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