पौध संरक्षण दिवस : घर की छतों पर बढ़ा बागवानी का चलन, मिल रही सेहत से भरपूर फल-सब्जियां, खिल रहे फूल

पौध संरक्षण दिवस : घर की छतों पर बढ़ा बागवानी का चलन, मिल रही सेहत से भरपूर फल-सब्जियां, खिल रहे फूल

Ashish vajpayee | Publish: May, 18 2018 02:57:08 PM (IST) Banswara, Rajasthan, India

जगह के अभाव में भी उगा रहे हैं फलों और फूलों की भिन्न किस्में

बांसवाड़ा. बड़े शहरों की तर्ज पर स्थानाभाव में अब बांसवाड़ा शहर में भी बागवानी के शौकीनों ने पौध संरक्षण को बढ़ावा दिया है। जिसके तहत कई शहरवासियों ने घरों की छतों पर पौधों की विभिन्न किस्मों को लगाना शुरू कर दिया है। शहर में शनै-शनै बढ़ रहे इस कल्चर के जरिए जहां लोग उनके शौक को तो पूरा कर ही रहे हैं, वहीं घर के आसपास की आबोहवा को भी शुद्ध कर रहे हैं।

उगा रहे हैं सभी तरह के फल
शहर में लोग रूफ प्लांटिंग और वॉल प्लांटिंग अपनाकर घर में ही विभिन्न फलों और सब्जियों का उगा कर उपयोग में ले रहे हैं। हालांकि बांसवाड़ा में अभी वॉल प्लांटिंग को बढ़ावा नहीं मिल सका। घरों की छतों पर अंजीर, अंगूर, पपीता, चीकू सरीखे फलों को छत पर रखे गमलों में कुछ लोगों ने उगाया। इसके अलावा सब्जियों में शिमला मिर्च, भिन्डी, नीबू, टमाटर भी घरों मे लगाए गए पौधों से प्राप्त कर रहे हैं।

यह हैं फायदे
घर की छत पर पौधे लगाने से नीचे के कमरों का तापमान चार से पांच डिग्री कम हो जाता है जो गर्मी में काफी राहतभरा है। घर और आसपास की आबोहवा शुद्ध रहती है। खुद के द्वारा सब्जियों को उगाने से केमिकल रहित सब्जियां मिलती हैं, जिससे गंभीर बीमारी होने की संभावना कम हो जाती है।

कठिन नहीं घर पर पौधे लगाना
घर की छत पर सब्जियों और फलों को उगाने वाले शहरवासी अली असगर कोटावाला ने बताया कि उन्हें प्लांटिंग का काफी शौक है, इस कारण घर की छत पर उन्होंने कई फल और सब्जियों के पौधों को लगाया। हालांकि उनकी देखरेख अवश्य करनी पड़ी लेकिन उसके परिणाम भी साकारात्मक आए। उन्होनें बताया कि घर की छत पर अंजीर, अंगूर, पपीता, चीकू, मौसम्मी, खीरा, ककड़ी और अमरूद सरीखे फलों के पौधे लगाए और फल प्राप्त किए।

वहीं, सब्जियों में स्वीट कॉर्न, तरोई, लौकी एवं अन्य सब्जियों को भी उगाया। इसके अलावा कई प्रकार के फूलों के पौघों को भी लगाया। अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि कम्पोस्ट खाद का उपयोग करने से घर में बिना केमिकल के फल और सब्जियां प्राप्त होते हैं। अली असगर का कहना है कि कुछ लोगों को भ्रांति है कि यदि उनके पास स्थान नहीं है तो वे फल या सब्जियां नहीं उगा सकते। यह तर्क बिल्कुल गलत है, कम जगह में भी पौधों को लगाया जा सकता है। हां यह जरूर है कि इसके लिए देखरेख आवश्यक है।

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