राजस्थान की धरा से बोले राष्ट्रपति- ‘बांसवाड़ा में हजार बेटों पर 1005 बेटियां पैदा होना पूरे देश में गर्व की बात’

President in Rajasthan, Rashtrapati In Banswara : राष्ट्रपति ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के आबूरोड स्थित अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में किया संबोधित

बांसवाड़ा. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजस्थान के बांसवाड़ा में प्रति हजार बेटों पर लिंगानुपात अधिक होने पर खुशी जताते हुए कहा कि देश में बाल लिंगानुपात में सुधार हो रहा है। महिलाओं का सशक्तीकरण हो रहा है। आज देश में दस लाख से अधिक महिलाएं पंचायती राज में जिम्मेदारी संभाल रही है। देश में पहली बार 78 महिला सांसद निर्वाचित होकर संसद पहुंची हैं। जनधन योजना के तहत खोले गए खातों में 52 फीसदी खाते महिलाओं के हैं। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में प्रति हजार बेटों पर 1005 बेटियां पैदा होना गर्व की बात है। ये सब नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा देती हैं। ये बात राष्ट्रपति ने शुक्रवार को ब्रह्माकुमारी संस्थान के आबूरोड स्थित अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय में आयोजित ‘महिला सशक्तिकरण द्वारा सामाजिक परिवर्तन’ विषय पर हुए सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कही। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि अध्यात्म के मार्ग पर चलने की सच्ची कसौटी दादी जानकी ने बताई कि हम सब एक ईश्वर की संतान हैं। जिस दिन ये भाव हम सबमें आ जाएगा, उस दिन समझना चाहिए कि हमने अध्यात्म के रास्ते पर चलना प्रारंभ कर दिया है।इससे पहले राष्ट्रपति व उनकी पत्नी सविता कोविंद, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, व ऊर्जा संरक्षण मंत्री बीडी कल्ला, संस्थान की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी समेत कई देश विदेश से पहुंची महिलाओं की मौजूदगी में कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान संभागीय आयुक्त बीएल कोठारी, आईजी सचिन मित्तल, जिला कलक्टर सुरेन्द्र कुमार सोलंकी, पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा, उपखंड अधिकारी डॉक्टर रवींद्र कुमार गोस्वामी, पुलिस उप अधीक्षक प्रवीण कुमार सहित देशभर से आए 6 हजार से अधिक लोग उपस्थित थे। महिलाओं के विकास से ही समाज का विकासराष्ट्रपति कोविंद ने जोर दिया कि महिलाओं को आगे बढ़ाने और उनके विकास में ही राष्ट्र का विकास संभव है। शिक्षा सशक्तीकरण का आधार होता है। आज बालिकाओं की शिक्षा को सुविधाजनक बनाया जा रहा है। स्कूलों में शौचालय से लेकर अन्य व्यवस्थाएं होने से छात्राओं को सुविधा मिली है। एक बालिका शिक्षित होती है तो दो परिवारों को लाभ मिलता है। डॉ.़ भीमराव अम्बेडकर ने सदा महिलाओं के विकास के लिए कार्य किया है। आज उनका परिनिर्माण दिवस भी है, उन्हें सुबह संसद में श्रद्धांजलि देकर सीधे यहां आया हूं। ब्रह्माकुमारीज की मुखिया 103 वर्षीय दादी जानकी ने कहा कि मैं कौन (आत्मा) और मेरा कौन (परमात्मा) ये दो बातें मैं सदा याद रखती हूं। हम सब एक पिता की संतान हैं। ईश्वर एक है, हम सबका पिता एक है। मैंने अपने जीवन में हर कार्य सच्चाई, सफाई के साथ किया। दिल में सच्चाई-सफाई और कारोबार में सादगी है तो हम कार्य में सफलता मिलना ही है। विश्व में आज शांति, खुशी और शक्ति की जरूरत है।

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deendayal sharma Desk
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