बांसवाड़ा : पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की आंच में झुलसा आमजन

बढ़ी कीमतों को लेकर कांग्रेस जताएगीे विरोध

By: Ashish vajpayee

Published: 23 May 2018, 04:02 PM IST

बांसवाड़ा. पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों ने आमजन को दिक्कत में ला दिया है। कच्चे तेल की आड़ लेकर पेट्रोल कम्पनियां रोज कीमतें बढ़ा रही हैं। इसके चलते मंगलवार को पेट्रोल के भाव 80 रुपए 52 पैसे और डीजल 73 रुपए 35 पैसे पहुंच गया। पिछले एक सप्ताह में पेट्रोल और डीजल के दामों में तकरीबन दो रुपए की वृद्धि हुई है। शहर के व्यापारिक वर्ग, नौकरीपेशा गृहिणी सहित सभी वर्ग के लोगों ने बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल आम जिन्दगी का हिस्सा है। इसके बढ़े दामों का असर घरेलू सामान से लेकर उद्योग जगत पर भी पड़ता है। कई वस्तुओं के दामों में तेजी आती है।

कांग्रेस आज करेगी विरोध
पेट्रोल व डीजल के बढ़ते दाम के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी बांसवाड़ा द्वारा 23 मई को सुबह 11 बजे कलक्ट्री चौराहे पर भाजपा सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा। प्रवक्ता इमरान खान पठान ने बताया कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार यह निर्णय लिया गया है।

उत्पाद शुल्क कई बार बढ़ा
केंद्र सरकार ने नवम्बर 2014 से लेकर जनवरी 2018 तक क्रूड की गिरती कीमतों के बावजूद उत्पाद शुल्क नौ बार बढ़ाया है। पेट्रोल पर 11.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 13.47 रुपए प्रति लीटर उत्पाद शुल्क बढ़ा है।

कीमतों पर अंकुश जरूरी
चार वर्षों में कच्चे तेल के दामों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेतहाशा कमी आई है। लेकिन भाजपा सरकार ने पेट्रोल व डीजल की दरें कम करने की बजाय दाम बढ़ाए हैं। इनके दाम बढऩे से परिवहन महंगा हो जाता है। जिस वजह से खाद्य पदार्थों से लेकर हर वस्तु के दाम स्वत: बढ़ जाते हैं। इन कीमतों पर अंकुश जरूरी है।
चांदमल जैन, जिला अध्यक्ष कांगे्रस

पेट्रोल-डीजल भी आए जीएसटी के दायरे में
जिस प्रकार अन्य उत्पाद जीएसटी के दायरे में हैं। उसी प्रकार पेट्रोल और डीजल भी जीएसटी में आए। ताकि सभी प्रदेशों में इसकी कीमतों में एकरूपता रहे। बढ़ी कीमतें आमजन पर भार डाल रही हैं। इसमें सुधार के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
सुनील दोसी, जिलाध्यक्ष,बीसीसीआई, बांसवाड़ा

किराया बढ़ाना जरूरी
पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर मोटर संचालक किराया बढ़ाने को मजबूर है। पहले डीजल पचास रुपए में था और अब 72 रुपए में है। तब से लेकर आज तक उसी किराय पर यात्रियों को सेवाएं दे रहें हैं। जबकि इस दौरान करों, इंश्योरेंस, मेटिनेंस सरीखे खर्चों में काफी बढ़ोत्तरी हो चुकी है। ऐसे में बिना दरें बढ़ाए गाड़ी चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।
प्रेम कुमार माटा, जिला अध्यक्ष, ऑल इंडिया परमिट बस एसोसिएशन, बांसवाड़ा

बांसवाड़ा में ज्यादा असर पड़ता है
पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी होने का असर बांसवाड़ा की जनता पर ज्यादा पड़ता है क्योंकि यहां व्यवसाय ट्रक टांसपोर्ट पर ही निर्भर है। लोगों पर भार न बढ़े इसके लिए सरकार को चाहिए कि यदि कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो टैक्स कम कर जनता को राहत दे।
शंभुलाल हिरण, अध्यक्ष चैंबर ऑफ कामर्स, बांसवाड़ा

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