बांसवाड़ा : अब पब्लिक फ्रेंडली बनेगी राजस्थान पुलिस, हर गांव में जाकर जानेगी जनता के दुख-दर्द

पुलिस को पब्लिक फ्रेंडली बनाने का प्रयास

By: Ashish vajpayee

Published: 07 Jun 2018, 11:54 AM IST

बांसवाड़ा. जनता से जुड़ाव तथा अपराध में कमी लाने के लिए अब पुलिस महकमा गांवों में जाकर ग्रामीणों सेे संवाद करेगा। यह बात अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बुधवार को राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत मेें कही। एडीजी ने बताया कि इसके आदेश डीजीपी ने जारी कर दिए हैं। अब थाना स्तर पर पुलिस जन सहभागिता की बैठक अनिवार्य रूप से करेगी। इसमें जनता की परेशानियों को तो दूर किया ही जाएगा। साथ ही अन्य विभागों की समस्याओं को आगे पहुंचाने के साथ पुलिस को पब्लिक फ्रेंडली बनाने के प्रयास भी किए जाएंगे। इससे पुलिस का सूचना तंत्र भी ज्यादा मजबूत होगा। जनता पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही अपने विवाद सुलझा सकेगी।

अब हर आईओ को दर्ज करने पड़ेंगे प्रकरण
एडीजी ने बताया कि केस ऑफिसर स्कीम को भी अब नए सिरे से शुरू किया गया है। इस स्कीम के तहत अब प्रत्येक जांच अधिकारी को इस स्कीम में एक-एक प्रकरण लाना होगा। इससे लोगों को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो सके। साथ ही अपराधियों को सजा मिल सके। उन्होंने बताया कि अब तक इसमे प्रकरण की बाध्यता नहीं थी।

एक्ट की कार्रवाईयां बढ़ीं
गुप्ता ने बताया कि अपराध में कमी लाने के लिए पुलिस को एक्ट की कार्रवाईयों पर जोर देना चाहिए। अपराध छोटे स्तर से शुरू होते हैं। अगर पुलिस एक्ट की कार्रवाईयां ज्यादा से ज्यादा करती हैं तो वहां अपराध बढऩे की संभावना कम हो जाती हैं। गतवर्षों के मुकाबले प्रदेश में एक्ट की कार्रवाईयों में इजाफा हुआ है।

कामकाज की समीक्षा की और समस्याएं जानी
बांसवाड़ा. वार्षिक निरीक्षण के लिए बुधवार को बांसवाड़ा पहुंचे अरिक्ति महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने पहले दिन सदर थाना, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, घाटोल वृत तथा पुलिस नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया। इस दरम्यान गुप्ता ने पुलिस के प्रत्येक कामकाज को बारीकी से देखा। साथ ही कई कार्यों की समीक्षा भी की। पुलिस कर्मियों की समस्याओं के बारे में भी पूछताछ की।

सबसे पहले गुप्ता ने सदर थाने का निरीक्षण किया, जहां पुलिस के मालखाने से लेकर सीसीटीएनएस तथा पुलिस के बीट सिस्टम, आपराधिक आंकड़ों, पेडेंसी सहित अन्य का निरीक्षण किया। साथ ही पुलिस मुख्यालय से प्राप्त परिपत्रों के बारे में भी पूछताछ की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया गया, जहां कार्यालय के पुलिस कर्मियों से लेकर अन्य के बारे में जानकारी प्राप्त की और सभी के कामकाज को देखा। इसके बाद घाटोल वृत्त और शाम को पुलिस नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया, जहां वर्तमान में चल रहे नए कैमरे लगाने के कार्य को देखा।

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