बांसवाड़ा की तर्ज पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनेगी आवासीय कॉलोनी, भूमिहीन परिवारों को मिलेगा मकान और...

Pradhan Mantri Aawas Yojana, Prime Minister Housing Scheme : प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत कवायद, बांसवाड़ा में लोधा पंचायत में दो वर्ष पहले हुई थी शुरुआत

By: deendayal sharma

Updated: 03 Dec 2019, 05:44 PM IST


बांसवाड़ा. केंद्र सरकार के वर्ष 2022 तक सबके लिए आवास के लक्ष्य के अन्तर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना में भूमिहीन परिवारों को बांसवाड़ा और श्री गंगानगर की तर्ज पर कॉलोनी बनाकर बसाया जाएगा। इसके लिए शेष रहे जिलों में भूमिहीन परिवारों को एक ही स्थान पर छत मुहैया कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। प्रदेश में 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की शुरुआत के बाद सेक के आधार पर योजना के अन्तर्गत पात्र लोगों का चयन किया गया और ब्लॉकवार लक्ष्य तय किए गए। इसमें आवास की स्वीकृति और किस्त भुगतान किया गया। इसके उपरांत भी जिले में कई परिवार ऐसे थे, जिनका स्थायी ठौर नहीं था। इनमें गाडुलिया लौहार और अन्य घूमंतू परिवार सम्मिलित रहे। एक वर्ष बाद ही जिला प्रशासन की ओर से घूमंतू परिवारों को एक स्थान पर ही कॉलोनी के रूप में आवास बनाकर देने की कार्ययोजना तैयार की गई। इसमें तलवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत लोधा का चयन किय और खेल छात्रावास के पीछे खाली पड़ी भूमि पर ऐसे परिवारों का बसाकर मूर्त रूप दिया। वित्तीय वर्ष 2017-18 में यहां 30 से अधिक परिवारों के लिए कॉलोनी और सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई। इसमें सामुदायिक भवन स्व विवेक योजना में दस लाख रुपए की लागत से बनाया गया, वहीं लाभार्थियों के आवास भी स्वीकृत किए गए।

कई मकान बने, कुछ अधूरे, अन्य जिलों में हो शुरुआत : - योजना के क्रियान्वयन के अन्तर्गत वर्तमान में कई आवास बनकर तैयार हो चुके हैं और परिवार इनमें रह रहे हैं। वहीं देरी से पंजीयन, स्वीकृति आदि से संबंधित कुछ परिवारों के आवास अधूरे हैं। इसके बावजूद उनमें निवास करना शुरू कर दिया है। लाभार्थी कैलाश डांगी ने कहा कि मकान बन चुका है। अब तक एक लाख बीस हजार रुपए मिले हैं। शेष राशि का इंतजार है। वहीं केसू सूर्या ने कहा कि उसे भूमि का पट्टा मिल चुका है। वरीयता सूची में नाम नहीं आने से आवास की स्वीकृति का इंतजार है। हाल ही में योजना की समीक्षा में बांसवाड़ा और गंगानगर में भूमिहीन परिवारों की कॉलोनी बनाने को आदर्श माना गया। साथ ही अन्य जिलों में भी ऐसे परिवारों का चयन कर योजना से लाभान्वित करते हुए कॉलोनी बनाने के प्रयास करने को कहा गया है, ताकि लक्ष्य भी पूरे हो सकें और भूमिहीन लोगों को आसरा व छत मुहैया हो सके। इसके अतिरिक्त योजना की वरीयता सूची में सम्मिलित भूमिहीन परिवारों को 31 मार्च तक आवासीय भूमि का आवंटन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रथम वरीयता सूची में शामिल परिवारों को 2020-21 में योजना का लाभ मिल सके।

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