बांसवाड़ा : एमजी अस्पताल में मेडिकल बायो वेस्ट का अंबार, संक्रमण का खतरा, मरीजों की सेहत से खिलवाड़

बांसवाड़ा : एमजी अस्पताल में मेडिकल बायो वेस्ट का अंबार, संक्रमण का खतरा, मरीजों की सेहत से खिलवाड़

Ashish Bajpai | Publish: Sep, 08 2018 01:19:41 PM (IST) Banswara, Rajasthan, India

बांसवाड़ा. शहर के सबसे बड़े एम जी अस्पताल में मरीज अपनी एक बीमारी दूर करने के लिए आता हंै, लेकिन उस पर संक्रमण के साये से अन्य बीमारियों के साथ ज्यादा बीमार होने का खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह है अस्पताल से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट के समुचित तरीके से निस्तारण की व्यवस्था में लापरवाही। वेस्ट का निस्तारण ठेकेदार के भरोसे छोड़ दिया गया है और वह नियमों की अनदेखी कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। महात्मा गांधी चिकित्सालय के पिछवाड़े खुले पड़े मैदान में मेडिकल सॉलिड बायो वेस्ट को अस्पताल के कर्मचारी खुले में डाल रहे हैं। जगह-जगह इस संक्रमित कचरे के ढेर देखे जा सकते हैं वहीं काम में ली हुई इंजेक्शन एवं सीरींंज भी खुले में पड़ी हुई है। जिनसे संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है।

बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा
जिस जगह कचरे को डाला जा रहा है उससे कुछ ही दूरी पर जच्चा-बच्चा वार्ड है। ऐसी स्थिति में यहां पर नवजात बच्चों एवं अस्पताल में आने वाले बच्चों में संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। इससे कई तरह की गंभीर बीमारियां इन बच्चों एवं माताओं में फैलसकती है। इसके बाद भी इसको लेकर अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं है।

यह है व्यवस्था
बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए सरकार की ओर से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर निजी कम्पनियों को ठेका दिया हुआ है। इन कम्पनियों की ओर से प्रतिदिन इस संक्रमित कचरे को उठाकर बंद वाहन में ले जाकर उचित प्लांट में जलाकर निस्तारित करने का नियम है। यदि ऐसा नहीं है तो सूनसान जगह पर एक गड्ढे में इसे जलाकर मिट्टी में दबाया जाना चाहिए। लेकिन यहां तो ऐसा प्रतित हो रहा है कि पिछले कई दिनों से इस कचरे को उठाया नहीं गया है। अस्पताल के कार्मिक केवल वार्ड से लाकर इसे बाहर लाकर डाल रहा है। इस स्थान के अलावा भी कई जगह कचरे के ढेर लगे हैं।

नहीं दे रहे ध्यान
अस्पताल में संक्रमित कचरा उठाने के लिए ठेका दिया हुआ है लेकिन व्यवस्था इतनी लचर है कि नियमित कचरे का निस्तारण नहीं हो रहा है। जिस कारण यह समस्या दिनों दिन बढ़ रही है।

नोटिस दिया है
कचरे के संग्रहण के लिए स्थानीय स्तर पर एक व्यक्ति तो ठेका दिया हुआ है। वह एक जगह एकत्र कर देता है और हर दो दिन में उदयपुर से गाड़ी आती है जो इसे ले जाती है। कचरा कुछ दिनों से पूरी तरह से नहीं उठ रहा है। इसके लिए ठेकेदार को नोटिस दिया है।
डॉ. अनिल भाटी, पीएमओ, महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय, बांसवाड़ा

 

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