बांसवाड़ा : फर्जीवाड़ा प्रमाणित, प्रदेश की 10 छात्राओं की स्कूटी निरस्त

आयुक्त कॉलेज शिक्षा के आदेश, देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना

 

By: Ashish vajpayee

Published: 24 May 2018, 01:18 PM IST

बांसवाड़ा. प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत १० छात्राओं का स्वीकृत की गई स्कूटी निरस्त कर दी गई है। इसमें बांसवाड़ा शहर के हरिदेव जोशी राजकीय कन्या महाविद्यालय की एक छात्रा भी शामिल है, जिसने माध्यमिक स्तर पर स्कूटी प्राप्त करने के बाद कॉलेज से फिर से स्कूटी के लिए फर्जी दस्तावेज के जरिए आवेदन किया था। आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा ने गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका के ७ व ८ मई २०१८ के अंक में मामला उजागर होने के बाद इसकी जानकारी आयुक्तालय तक भी पहुंची और अलग-अलग कारण बताते हुए २१ मई को स्कटी निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। बताया गया कि उदयपुर के मीरा गल्र्स कॉलेज में भी एेसे ही मामले में कार्रवाई हुई है। इसके अलावा महारानी कॉलेज जयपुर में भी एक छात्रा के इंस्पायर अवार्ड स्कालरशिप में चयन के कारण स्कूटी रोक दी गई है। सात अन्य छात्राओं की स्कूटी आवेदन नहीं करने, बीएसटीसी में चयन, आवेदन के बाद परीक्षा नहीं देने के कारण निरस्त की गई है।

इधर, कार्रवाई का इंतजार
मेधावी बालिका स्कूटी योजना में आयुक्तालय स्तर पर कोई कारवाई नहीं की गई है, जबकि जिले में इस योजना में भी फर्जीवाड़ा उजागर हो चुका है। इसमें एक छात्रा ने स्कूटी प्राप्त करने के बाद स्कूटी स्वीकृत करने तथा १० छात्राओं के छात्रवृत्ति उठाने के साथ ही स्कूटी के लिए मिथ्या शपथपत्र के आधार पर आवेदन किए जाने से संबंधित है। कॉलेज स्तर पर इसकी सूचना आयुक्ताय तक पहुंचाई जा चुकी है।

नहीं है कोई सिस्टम
एक से अधिक छात्रवृत्ति योजनाओं में आवेदन को रोकने के लिए विभाग के पास कोई पुख्ता सिस्टम नहीं है। इसके साथ ही कई योजनाओं की जानकारी तक छात्राओं को ठीक से नहीं है इसके चलते एेसे हालात बन रहे हैं। इससे पूर्व भी सामालिक अधिकारिता एवं न्याय विभाग की छात्रवृत्ति भी फर्जी ढंग से उठाने के मामलों का खुलासा हो चुका है, लेकिन वसूली के मामले में विभाग चुप है। इसे चुनावी रंग से जोडक़र भी देखा जा रहा है।

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