बांसवाड़ा : गाय को चुरा कर चारों पैर और मांस काटकर ले गए अज्ञात, आक्रोशित लोगों ने टायर जलाकर किया रास्ता जाम

चार दिन में गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद खुला रास्ता, आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे ग्रामीण

By: Ashish vajpayee

Published: 20 Jan 2018, 10:32 PM IST

बांसवाड़ा. छींच. बागीदौरा. जिले के कलिंजरा थाना इलाके के छींच गांव में छींच-बोड़ीगामा मुख्य मार्ग के पास गुरुवार रात्रि एक घर से अज्ञात आरोपितों ने गाय चोरी करने के बाद उसकी नृशंस हत्या कर उसके चारों पैर एवं जगह-जगह से उसका मांस काटकर ले गए। इस गंभीर वारदात के बाद शुक्रवार को इलाके में रोष व्याप्त हो गया और कुछ ही देर में बांसवाड़ा-बागीदौरा मार्ग पर बड़ी संख्या लोग एकत्रित हो गए। देखते ही देखते लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उन्होंने मुख्य सडक़ मार्ग पर दो जगह टायर जलाए और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

इसकी जानकारी पर तलवाड़ा गोशाला के संत रघुवीरदास महाराज भी मौके पर पहुंच गए और मुख्य सडक़ मार्ग पर कुर्सी लगाकर बैठ गए। इसकी जानकारी पर बांसवाड़ा से एएसपी जयपाल सिंह, कुशलगढ़ डिप्टी बृजराज सिंह, सदर सीआई मनीष चारण, एसआई पूनाराम सहित अन्य थानों का जाप्ता मौके पर पहुंचा और काफी देर तक चली समझाइश के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को चार दिन का अल्टीमेटम दिया। इन्स तरह करीब तीन घंटे बाद मामला शांत हुआ और ग्रामीण मुख्य सडक़ मार्ग से हटने को तैयार हुए।

यह थी वारदात

पुलिस के अनुसार छींच निवासी कन्हैयालाल खांट अपने छप्पर में गुरुवार को भी हमेशा की तरह गाय को बांधकर सोया था। रात को जब कन्हैयालाल पेशाब जाने के लिए निकला तो गाय गायब मिली। इसके बाद उसने गाय को इधर-उधर देखने के प्रयास किए, लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद शुक्रवार की सुबह सात बजे ग्रामीणों को कन्हैयालाल के घर से करीब 100 मीटर दूर गाय कटी हुई अवस्था में बरामद हुई। पुलिस के अनुसार अज्ञात आरोपित गाय के मुंह के नीचे के हिस्से, थन, चारों पैरों को काटकर ले जाने के साथ गाय के मांस को जगह-जगह से उतारकर ले गए। इसके अलावा मौके से पुलिस को कुछ बीयर की खाली बोतलें भी बरामद हुई हैं। आरापितों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

पहले भी हुई वारदातें

जिले में पहले भी गो हत्या की वारदातें हुई है। आठ दिन पूर्व कुशलगढ़ के संदलाई में गोहत्या हुई थी। पांच माह पूर्व सिंगला कुंडी में तथा एक वर्ष पूर्व सुनारिया व तलाईपाड़ा कोटड़ा में गोहत्या की घटना हो चुकी है।

पुलिस पर मुश्किल से हुआ भरोसा

ग्रामीणों का आरोप था कि गंभीर प्रकृति के अपराधों में पुलिस की ओर से सुस्ती बरती जाती है। इससे पहले छींच हत्याकांड हुआ था, लेकिन पुलिस की ओर से उस वारदात में उल्लेखनीय कार्रवाई नहीं की। गोहत्या के मामले में भी पुलिस पर विश्वास क्यों किया जाए। उनका आरोप था कि पुलिस की ओर से आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं की जाती है तब तक मुख्य मार्ग का जाम नहीं खोल जाएगा। इससे छींच मार्ग पर काफी देर तक विवाद की स्थिति बनी रही।

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