बांसवाड़ा : झील संरक्षण योजना में शामिल डायलाब के पेटे में काट दिए भूखंड

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By: mradul Kumar purohit

Published: 30 Dec 2018, 11:54 AM IST

बांसवाड़ा. राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना में चिह्नित शहर के डायलाब तालाब के पेटे में भूखंड काटकर मुटाम लगा देने का मामला सामने आया है। इस भूमि को गैर कृषि प्रयोजनार्थ संपरिवर्तन के आवेदन को तहसीलदार की ओर से रूपान्तरण योग्य नहीं बताया, वहीं वरिष्ठ नगर नियोजक की ओर से तकनीकी राय नहीं दिए जाने के बाद हाल ही में नगर परिषद ने आवेदक की फाइल निरस्त कर दी।प्रकरण के अनुसार रातीतलाई निवासी रवीन्द्रनाथ भंडारी ने आराजी संख्या 152/1 रकबा 2.09 बीघा (4343 वर्गगज) तथा 152/2 रकबा 2.10 बीघा (4840 वर्गगज) भ्ूामि का आवासीय प्रयोजनार्थ संपरिवर्तन के लिए आवेदन किया था। आवेदन प्राप्त होने पर तहसीलदार की ओर से जांच की गई। इसमें उक्त भूमि की किस्म बेरंग गैर मुस्तिकील पेटा निबंधित प्रवर्ग में बताते हुए रूपान्तरण योग्य नहीं माना। वहीं नगर परिषद की ओर से भी इस मामले में वरिष्ठ नगर नियोजिक उदयपुर से तकनीकी राय मांगी गई, लेकिन वरिष्ठ नगर नियोजक की ओर से आयुक्त को 29 नवम्बर 18 को भेजे पत्र में कहा कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट में उक्त भूमि को रूपान्तरण योग्य नहीं बताने से तकनीकी राय देना उचित नहीं है।
मास्टर प्लान में भूमि तालाब पेटे की

गौरतलब है कि जिस भूमि का रूपान्तरण करने के लिए आवेदन किया गया, वह 2031 के मास्टर प्लान के प्रस्ताव अनुसार डायलाब तालाब के अंतर्गत आती है। वहीं यह तालाब राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना में चिह्नित है और इसकी डीपीआर भी बनकर अनुमोदन के लिए केंद्र सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। भूमि रूपान्तरण के आवेदन के बाद डायलाब तालाब को प्राचीन धरोहर और जन-जीवन से जुड़ाव बताते हुए इसके आपत्ति भी दर्ज कराई गई थी। मामले में नगर परिषद ने हाल ही में आवेदक भंडारी को तहसीलदार की जांच रिपोर्ट, तकनीकी राय और मास्टर प्लान में प्रस्ताव अनुसार भूमि होने से रूपान्तरण संभव नहीं होने संबंधी सूचना देकर फाइल को निरस्त कर दिया है।

mradul Kumar purohit Reporting
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