बांसवाड़ा : थाने में शव रख परिजनों ने मांगा बेटे की मौत का पैसा, पुलिस ने डेढ लाख में तय कराया सौदा

बांसवाड़ा जिले के अरथूना थाना क्षेत्र का मामला : सड़क दुर्घटना में युवक हुई थी युवक की मौत

अरथूना थाना क्षेत्र के लोकिया बस स्टेण्ड के पास शुक्रवार को टैम्पो पलटने से एक युवक की मौत के बाद रविवार को करीब 200 ग्रामीण मौताणे की मांग को लेकर अरथूना थाने में घुस गए और वहीं शव रख दिया। इससे करीब पांच-छह घंटे तक विवाद और हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में डेढ़ लाख का मौताणा तय होने पर माहौल शांत हुआ।


यह था मामला



थाना प्रभारी सुभाष ने बताया कि शुक्रवार को केसरपुरा निवासी दसपुरी पुत्र धनजी ताबियार अपने घर से किसी कार्य से अरथूना जाने के लिए टैम्पो में सवार होकर निकला। लोकिया बस स्टेण्ड के पास अचानक टैम्पो अनियंत्रित होने के बाद पलट गया।


इसमें दसपुर बुरी तरह घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रैफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद रविवार को सुबह दस बजे परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाया और शव को घर ले जाने की बजाय थाने ले जाकर रख दिया। परिजनों ने मौताणे की मांग की। लंबी बातचीत में करीब तीन बजे टैम्पो मालिक डेढ़ लाख रुपए मौताणा देने पर सहमत हुआ तब माहौल शांत हुआ और परिजन शव हटाने के लिए राजी हुए।


थाने में ही पुलिस ने कराया सौदा


आंबापुरा थाने पर गत दिनों हुए पथराव एवं पुलिस कर्मियों पर हमले की वारदात से पुलिसने कोई सबक नहीं लिया। रविवार को अरथूना थाने में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौताणे की मांग को लेकर जुट गए। पुलिस ने ग्रामीणों को थानेे से हटाने के बजाय थाने में ही मौताणा तय करवाया। जानकारों के अनुसार ग्रामीणों एवं टैम्पो मालिक के बीच कभी 70 हजार तो कभी 80 हजार की बातें होती रही। आखिर में डेढ़ लाख की राशि तय हुई।


दावों की खुली पोल



पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से मौताणा प्रथा रोकने के लिए बड़े बड़े दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन थाने में मौताणा तय होने की कार्रवाई ने इसकी पोल खोलकर रख दी है।
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Ashish vajpayee
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