बांसवाड़ा : शराब व्यवसायी की गोली मार कर हत्या करने के तीन आरोपी दाहोद में हाइवे से गिरफ्तार

Banswara Crime News : फरारी में काम में ली कार भी जब्त. 25 मार्च को सल्लोपाट में हुई थी वारदात

By: Varun Bhatt

Published: 24 Apr 2021, 10:09 PM IST

बांसवाड़ा. गुजरात की सीमा से सटे जिले के मोनाडूंगर में शराब के ठेके के व्यवसायी की विगत माह सल्लोपाट में गोली मार कर हत्या के तीन आरोपियों को पुलिस ने अहमदाबाद-मुंबई हाइवे पर कार से मुंबई जाते समय गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना के बाद फरारी में काम में ली कार भी जब्त की है।
यह था मामला
गत 25 मार्च को सल्लोपाट कस्बे में किराये के मकान में निवासरत मोनाडूंगर शराब के ठेके के पार्टनर लोकेश पारीक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के चाचा और दुकान पर सेल्समैन कमल पुत्र मधुसूदन पारीक निवासी देलवाड़ा ने पुलिस को रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि २०२०-२१ में मोनाडूंगर में अंगे्रजी शराब की दुकान का लाइसेंस महेश प्रजापत के नाम हुआ था। दुकान में महेश, सुनील धाकड़, घनश्याम धाकड़, लोकेश पारीक, कैलाश धाकड़ और दिनेश शर्मा भागीदार बने और संयुक्त रूप से दुकान संचालित कर रहे थे। सभी सल्लोपाट में चिमन मछार निवासी गडूली के मकान में किराये से रह रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार २५ मार्च की रात ९.४० बजे लोकेश, उसकी महिला मित्र दीक्षा और वह स्वयं मोबाइल पर लूडो खेल रहे थे। इसी दौरान लोकेश के पार्टनर महेश, सुनील व दिनेश शर्मा का भाई पुष्कर शर्मा वहां पहुंचे और लोकेश की फायरिंग कर हत्या कर दी अैर पिछले दरवाजे से भाग खड़े हुए। दीक्षा को मौके पर छोडक़र पुलिस को इत्तला देने पहुंचा। पुलिस मौके पर पहुंची। लोकेश को तीन-चार गोलियां लगी थी। उपचार के लिए बांसवाड़ा ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने हत्या व आम्र्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया।
टीम बनाई, जानकारी जुटाई
सनसीनखेज वारदात के बाद पुलिस अधीक्षक कावेन्द्रसिंह सागर व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाशसिंह सांदू के निर्देशन तथा बागीदौरा वृत्ताधिकारी रामगोपाल बसवाल के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी नागेन्द्रसिंह के नेतृत्व में टीम गठित की। इसके अतिरिक्त सुरेश बिजारणिया के नेतृत्व में डीएसटी व साइबर टीम का गठन किया। थाना टीम ने एक वर्ष से आरोपियों के रहने व संपर्क के लोगों से पूछताछ की। मध्यप्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र के सभी टोल नाकों पर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले और ढाबों पर तलाश की। डीएसटी व साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्य का संकलन किया। आरोपियों की बैंक डिटेल, नेट बैंकिंग के लेनदेन आदि की जानकारी के साथ संबंधियों व मित्रों से पूछताछ की।
कई राज्यों में की तलाश
जानकारी के संकलन के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना टीम को अहमदाबाद, सूरत व दमन भेजा गया। वहां आरोपियों के गोवा में होने की जानकारी पर रवाना किया। टीम के पहुंचने से पहले आरोपी गोवा छोड़ चुके थे। उनकी कोई लोकेशन नहीं मिली। कुछ दिनों बाद पता चला कि आरोपी वृंदावन, मथुरा की ओर से गए हैं। इस पर थानाधिकारी नागेंद्रसिंह व टीम रतलाम, मंदसौर, उज्जैन में तलाश करते हुए वृंदावन पहुंची। यहां पता चला कि आरोपी ब्यावोर ग्वालियर की ओर से निकले हैं। टीम वहां पहुंची तो मुखबिर से पता चला कि आरोपी कार से इन्दौर होते हुए मुंबई की ओर जाने निकले हैं।
हाइवे पर की नाकाबंदी
पुलिस ने दाहोद पहुंचकर मंदसौर-अहमदाबाद-मुंबई हाइवे पर पहुंचकर नाकाबंदी की। इस दौरान एक कार को रुकवाया। उसमें तीनों आरोपी सवार थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया और कार जब्त कर सल्लोपाट थाने लाए।
कुंभ में किया स्नान
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हत्या के बाद वे लीमड़ी, दाहोद, सूरत, दमन, गोवा में घूमे। वहां से रत्नागिरी और फिर हरिद्वार पहुंचे। वहां कुंभ मेले में स्नान किया। इसके बाद मथुरा-वृंदावन होते इन्दौर-अहमदाबाद-मुंबई हाइवे पर रवाना हुए। मुंबई से वे दक्षिण भारत जाने की फिराक में थे कि पुलिस ने धर लिया।
यह भी रहे टीम में शामिल
एएसआई लोकेंद्रसिंह, हेडकांस्टेबल प्रवीणसिंह साइबर सेल, प्रवीण वैष्णव साइबर सेल, लोकेंद्रसिंह, नारायणसिंह, कांस्टेबल गणेशलाल, विमल कुमार, शैतानराम, श्रवणसिंह महेंद्रसिंह चालक, पुष्पराजसिंह भी टीम में शामिल रहे।

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