राजस्थान में रोडवेज बस की चैकिंग के नाम पर उडऩदस्ता कर रहा मनमाना खेल!

Rajasthan Roadways News : गिड़गिनाने के बाद भी परिचालक की नहीं सुनी, लंबी दूरी की सवारियां छांटकर लगा दिया रिमार्क

By: Varun Bhatt

Updated: 18 Feb 2020, 12:23 PM IST


बांसवाड़ा. घाटे में चल रही रोडवेज की बसों की औचक जांच के नाम पर उडऩदस्ते मनमाना खेल कर और भट्टा बिठा रहे हैं। उलझने-उलझाने के चल रहे सिलसिले की बानगी सोमवार को उदयपुर-बांसवाड़ा वाया धरियावद रूट की बस में दिखलाई दी, जहां चूक नहीं होते हुए भी उडऩदस्ता प्रभारी ने अपनी चलाई और गिड़गिड़ाते परिचालक से बात नहीं बनने पर अपनी इच्छानुसार चार यात्री बेटिकट बताकर कार्रवाई कर दी। हुआ यों कि बांसवाड़ा से स्थानांतरित एक बस का संचालन इन दिनों उदयपुर डिपो से बांसवाड़ा के लिए हो रहा है। सोमवार सुबह उक्त उदयपुर से निकलकर कानोड़, धरियावद होते हुए नरवाली पहुंची, जहां से खमेरा होते हुए उसे दोपहर बाद तक बांसवाड़ा पहुंचना था। बस नरवाली बस स्टैंड से निकली ही थी कि पेट्रोल पंप पर सात-आठ सवारियां चढ़ीं। इनमें आधे यात्री दो किलोमीटर दूर डूंगरिया गांव के, जबकि आधे खमेरा तक के होने से बस में पीछे की तरफ बढ़ गए। गाड़ी आधा किलोमीटर बढ़ी ही थी कि उदयपुर के उडऩदस्ते ने रोका। इस बीच, छोटा टिकट होते हुए भी एक यात्री ने 500 रुपए का नोट देने से परिचालक मनोज पंवार छुट्टे गिनने के चक्कर में अटक गया। फिर दूसरों के टिकट बनाने ही लगा, तो उडऩदस्ता प्रभारी नरेंद्र टांक ने उसे तत्काल उतरने को कहा और मशीन हाथ से लेकर खुद सवारियां टटोलने बस में पीछे तक चले गए। फिर वापसी पर परिचालक पंवार को बेटिकट यात्री ले जाने की बात कहकर चमकाया। पंवार से स्थिति स्पष्ट की और गिड़गिड़ाया भी लेकिन प्रभारी टस से मस नहीं हुए और तीन का केस बनाना कहकर चार यात्री का बनाकर चल दिए।

दो किमी का फासला छोड़ नापा खमेरा तक का सफर : - बस में मौजूद यात्री भी उडऩदस्ता प्रभारी टांक की कार्रवाई पर ताज्जुब करते रहे। कारण कि जिन चार सवारी के टिकट परिचालक काटते-काटते रह गया, वे मात्र दो किमी दूर डूंगरिया गांव की थी और गेट के पास ही खड़ी थी। इसके अलावा चार खमेरा की सवारियां पीछे थीं, जिनके टिकट बाद में बनाने थे। उडऩदस्ते ने धरपकड़ में परिचालक को गच्चा देकर तीन टिकट का रिमार्क लगाने की बात कही और जब दस्तावेजी कार्रवाई की, तो उसमें चार सवारी खमेरा तक की 17-17 रुपए टिकट की बता दी।

गड़बड़ी नहीं फिर भी उलझाया, फिर पड़ी दोहरी मार : - बस में बांसवाड़ा तक का सफर करके आए प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों के अनुसार परिचालक पंवार ने रास्तेभर कहीं कोई गड़बड़ी नहीं की। सात साल के बच्चे का भी आधा टिकट बनाया। फिर भी फ्लाइंग की चपेट में आ गया और जहां रोका गया, वहां मौका पाकर एक सवारी बगैर पैसे दिए चल पड़ी। फिर एक महिला ऐसी भी बैठी, जिसने टिकट के पैसे नहीं होना बताकर सेनावासा में अपने भाई के लेकर देने की बात की। भरोसे में पंवार ने उसे ले लिया, तो सेनावासा आते ही महिला उतरकर रफूचक्कर हो गई। इससे परिचालक पर दोहरी मार पड़ी।

इलाके में आने से ही इनकार : - दूसरी तरफ, उदयपुर के उडऩदस्ते के प्रभारी टांक से जब पत्रिका ने शाम को बात की, तो नरवाली के पास किसी गाड़ी की जांच से इनकार किया। यही नहीं, उन्होंने बांसवाड़ा में आने से ही इनकार कर खुद को जोधपुर में होना बताया। दूसरी ओर, रोडवेज बांसवाड़ा के सूत्रों ने भी टांक के खमेरा क्षेत्र में ही होने की पुष्टि की।

इनका कहना है... नरवाली के पास चैकिंग के दौरान हुए घटनाक्रम की जानकारी मिली है। इस बारे में एमडी स्तर पर रिपोर्ट कर रहे हैं। जांच और कार्रवाई होगी। पवन बंसलईएम, चैकिंग रोडवेज मुख्यालय जयपुर

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