नवसंवत्सर पर कोरोना का असर : चैत्र नवरात्र पर देवी मंदिरों में हुई घट स्थापना, देवालयों में नहीं दिखे भक्त

chaitra navratri 2020, corona virus impact : लॉकडाउन के कारण शोभायात्रा निरस्त, शुभ मुहूर्त में घट स्थापना हुई

बांसवाड़ा. चैत्र प्रतिपदा के साथ भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2077 की बुधवार से शुरूआत हो गई। शक्तिपीठों, देवी मंदिरों, लोक स्थानकों सहित भक्तों ने अपने घरों में विधि-विधान से शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की। कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर लागू लॉकडाउन के कारण नवसंवत्सर पर शोभायात्रा का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया। वहीं चैत्र नवरात्र के इन दिनों में देवी मंदिरों में उमडऩे वाली भीड़ भी लॉकडाउन के चलते नदारद है। जिले के देवी मंदिरों त्रिपुरा सुंदरी, कालिकामाता, दक्षिण कालिका, अंबामाता, महालक्ष्मी मंदिर आदि में घट स्थापना हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं की उपस्थिति पर प्रतिबंध रहा। केवल मुख्य पुजारी और पंडितों ने घट स्थापना का विधान पूरा किया। पं. डॉ. मुरलीधर पंड्या ने बताया कि 25 मार्च को सुबह 6.40 से 9.42 बजे तक और 11.13 से 12 बजे तक घट स्थापना और पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। इधर, श्रीरामचरित मानस मंडल की ओर से प्रतिवर्ष चैत्र प्रतिपदा से किए जाने वाला नवाह्न पारयण मंडल सदस्यों से अपने घरों में ही किए जाने का निर्णय किया गया है। मंडल अध्यक्ष महेश पंचाल ने बताया कि यह पारायण 25 मार्च से 2 अप्रेल तक किया जाएगा।

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mradul Kumar purohit Reporting
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