बांसवाड़ा: शराब के अवैध अड्डों के खिलाफ महिलाएं फिर सडक़ों पर, कलक्टरी पहुंचकर किया प्रदर्शन

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By: Ashish vajpayee

Published: 18 Dec 2018, 02:52 PM IST

बांसवाड़ा. जिले में शराबबंदी के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन सोमवार को फिर से परवान चढ़ा। जिले के माही डेम और उसके आस पास के गांवों की महिलाओं ने खेरडाबरा गांव में अवैध शराब के अड्डों पर धावा बोला और ड्रमों व अन्य सामान समेटकर कलक्टरी पहुंचकर प्रदर्शन किया और कलक्टर को शिकायत की कि माही डेम रोड शराब की भट्टियों का अड्डा बना हुआ है। उधर घाटोल उपखंड मुख्यालय पर भी शराबबंदी के लिए महिलाओं ने प्रदर्शन किया तो सागवाडिय़ा गांव में महिला समूह की बैठक में दो माह के आंदोलन के बाद भी शराबबंदी को लेकर ठोस पहल न करने पर प्रशासन के प्रति आक्रोश जताया गया।

कलक्टर को कहा-कई बार शिकायत की, कार्रवाई नहीं हुई
ेमाहीडेम और आस पास के गांवों की महिलाओं ने कलक्टर से शिकायत भूगड़ा थाना इलाके का माहीडेम रोड देसी शराब का कारोबारियों का प्रमुखर अड्डा बना हुआ है। इलाके में 25 से अधिक देसी शराब की भट्टियां खुले में सुगल रही हैंं। इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई के लिए तैयार नहीं हैं। इससे स्थानीय लोग शराब के आदी होते जा रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि माहीडेम रोड स्थित खेरडाबरा, चीब, झरी, कुण्डा सहित अन्य आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर देसी शराब की भट्टियां हैंं, जहां सस्ते में दामों में पहले शराब पिलाकर स्थानीय लोगों को शराब का आदी बनाया जाता है। इसके बाद उनको मनमाने दामों में शराब बिक्री की जाती हैं। इससे बड़ों के साथ युवा पीढ़ी भी चपेटमें आती दिखाई पड़ रही है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

पुलिस नहीं सुनने को तैयार
महिलाओं ने बताया कि इलाके में संचालित अवैध ढाबों की कई बार पुलिस से शिकायत की गई। इसके बाद भी पुलिस की ओर से इस ओर कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं पुलिस से जब शिकायत करने के लिए जाते हैं तो पुलिस के कुछ कार्मिक उन्हीं शराब कारोबारियों से शिकायत कर देते हैं। इससे वे मारने के लिए भी दौड़ते हैं। महिलाओ ंने बताया कि जल्द ही इन अवैध ढाबों को बंद नहीं किया गया तो और आंदोलन किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं ने पुलिस और आबकारी पर बंदी लेने के भी आरोप लगाए। महिलाओं ने बताया कि पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत के बगैर अवैध ढाबों का संचालन मुश्किल है। इससे अवैध धंधा भी यहां खूब फल फूल रहा है।

सागवाडिय़ा में महिलाओं की बैठक, जताया आक्रोश
सागवाडिय़ा/तलवाड़ा. सागवाडिया में शराब बंदी को लेकर महिला समूह की बैठक गांव के चौराहे पर हुई,जिसमेेंं महिलाओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि दो माह से आंदोलन चलाया जा रहा है, लेकिन सागवाडिया क्षेत्र में शराब तस्कर महिलाओं को धमका रहे हैं। आरोपी कहते हैं कि पुलिस भी उनका कुछ बिगाड़ नहीं सकती। महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया और तस्करों के खिलाफकार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर लक्ष्मी मालवीया, पारी मईड़ा, तुलसी डिडोर, मंजूला दायमा, सविता दायमा, राधा देवी, कंकू, कला आदि महिलाएं उपस्थित थी।

उपखंड कार्यालय पर हंगामा
घाटोल. शराब के अड्डों को लेकर महिलाओं ने सोमवार को घाटोल उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बड़ाना, करगचीया, बस्सीआड़ा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं उपखण्ड कार्यालय पहुंची और शराब के अड्डे बंद नहीं होने पर हंगामा खड़ा कर दिया। महिलाओं का कहना था कि तीन माह से लगातार आंदोलन एवं अधिकारियों को ज्ञापन के बाद भी पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। गत दिनों सवनिया क्षेत्र में शराब अड्डा संचालकों की ओर से महिलाओं से मारपीट करने के मामले में पुलिस ने पाबंद जैसी फोरी कार्रवाई की। महिलाओं ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मारपीट के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई व पूर्ण शराबबंदी की मांग उठाई।

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